एयर इंडिया का केंद्र सरकार के ऊपर 451 करोड़ रुपये बकाया है। यह बकाया राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री समेत वीवीआईपी लोगों के लिए चार्टर्ड फ्लाइट मुहैया कराने के अलावा स्पेशल मिशन के लिए दी जाने वाली सेवाओं को लेकर है। सूचना के अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत यह जानकारी मिली है।
सेवानिवृत्त कोमोडोर लोकेश बत्रा के आरटीआई के तहत पूछे गए सवाल के जवाब में कहा गया कि नगर विमानन मंत्री अशोक गजपति राजू समेत मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने 2014 से 2017 के बीच विभिन्न मंत्रालयों को 31 पत्र लिखें, जिनमें उनसे एयर इंडिया बकाये का समय पर भुगतान करने को कहा गया है।
अधिकारियों ने संबंधित मंत्रालयों से रखरखाव कोष की उपलब्धता सुनिश्चित करने और वीवीआईपी उड़ानों के साथ विशेष मिशन के लिए बजटीय बदलाव करने को कहा था। हालांकि कभी भी बकाये का पूरा भुगतान नहीं किया गया। एयर इंडिया राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं के लिए चार्टर्ड सेवा हेतु तीन बोइंग 747-400 विमान हर समय तैयार रखती है।