संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होगा। इससे पहले मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक हुई। जिसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि केंद्र सरकार संसद के बजट सत्र से पहले सभी राजनीतिक दलों के सुझाव सुनने को तैयार है। उन्होंने कहा कि चर्चा संसदीय नियमों के मुताबिक ही होनी चाहिए।
विपक्ष के हंगामे से होती है समस्या
बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए रिजिजू ने कहा, 'नियमों के अनुसार, चर्चा सिर्फ बजट पर ही होनी चाहिए। सत्र की शुरुआत में राष्ट्रपति संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगी। उसके बाद राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस होगी, जिसमें सभी दल हिस्सा लेंगे। सरकार हमेशा किसी भी सुझाव को सुनने के लिए खुश है।' उन्होंने आगे कहा कि सरकार हमेशा सुनने को तैयार है, लेकिन अगर हर बार विपक्षी दल हंगामा करते हैं और सदन नहीं चलने देते, तो समस्या पैदा होती है।
इसके अलावा, टीडीपी संसदीय दल के नेता लावु श्री कृष्ण देवरायलु ने बताया कि उनकी पार्टी ने बैठक में तीन राष्ट्रीय मुद्दे और पांच आंध्र प्रदेश से जुड़े मुद्दे उठाए। इनमें भारत के एफटीए समझौते, 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया नियम और अमरावती राजधानी विधेयक शामिल हैं।
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बच्चों के लिए लगे सोशल मीडिया पर बैन
पत्रकारों से बातचीत में देवरायलु ने कहा कि हम तीन राष्ट्रीय मुद्दे और आंध्र प्रदेश से जुड़े पांच मुद्दे उठाना चाहते थे। पहला राष्ट्रीय मुद्दा भारत के एफटीए समझौतों से जुड़ा है, जिसमें भारत-ईयू एफटीए भी शामिल है। हम इस पर चर्चा चाहते हैं। दूसरा मुद्दा 16 साल से कम उम्र के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध का है। अगर ऑस्ट्रेलिया यह कर सकता है, तो भारत क्यों नहीं? राज्य का प्रमुख मुद्दा अमरावती राजधानी विधेयक है। हम चाहते हैं कि आंध्र प्रदेश की राजधानी को कानूनी समर्थन मिले।
यह बैठक संसद के मुख्य समिति कक्ष में हुई, बजट सत्र की रूपरेखा पर चर्चा की गई। इस बैठक में राजनाथ सिंह, किरेन रिजिजू, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, कांग्रेस नेता जयराम रमेश और प्रमोद तिवारी, एआईटीसी नेता शताब्दी रॉय, एमएनएम संस्थापक कमल हासन, तमिल मणिला कांग्रेस नेता जीके वासन, एसपी नेता रामगोपाल यादव समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
1 फरवरी को पेश होगा बजट
बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होगा और 2 अप्रैल तक चलेगा। पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक। जबकि दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक होगा। सत्र में कुल 30 बैठकें होंगी। वहीं, 1 फरवरी को 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सत्र की शुरुआत में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों को संबोधित करेंगी।
बता दें कि पिछले मानसून और शीतकालीन सत्र 2025 में विपक्षी दलों ने पूरे देश में चल रही मतदाता सूची की विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) पर चर्चा की मांग की थी।