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One Nation One Election: सरकार ने गठित की आठ सदस्यीय कमेटी; अधीर रंजन ने शामिल होने से किया इनकार, दी ये दलील

Sat, 02 Sep 2023 10:48 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद - फोटो : President of India Website
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'एक देश-एक चुनाव' पर केंद्र सरकार ने आठ सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। कानून मंत्रालय ने इसे लेकर एक अधिसूचना भी जारी की है। इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय हित में देश में एक साथ चुनाव कराना वांछनीय है। ऐसे में भारत सरकार एक साथ चुनाव कराने के मुद्दे की जांच करने के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन कर सकती है। 

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आठ सदस्यीय समिति में कौन-कौन शामिल
कानून मंत्रालय के मुताबिक, इस समिति का नेतृत्व पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद करेंगे। समिति में गृहमंत्री अमित शाह, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी, राज्यसभा में विपक्ष के पूर्व नेता गुलाम नबी आजाद, वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष एनके सिंह, लोकसभा के पूर्व महासचिव सुभाष सी कश्यप, वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे और पूर्व मुख्य सतर्कता आयुक्त संजय कोठारी शामिल हैं।
 

विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में भाग लेंगे मेघवाल
एक सरकारी अधिसूचना में कहा गया है कि कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में उच्च स्तरीय समिति की बैठकों में भाग लेंगे। समिति का गठन पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले और अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले किया गया है। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शुक्रवार को समिति के गठन की जानकारी दी थी।
 

'संसद के विशेष सत्र में करूंगा एजेंडे पर चर्चा'
उन्होंने कहा, 'अभी एक समिति का गठन किया गया है। समिति की एक रिपोर्ट सामने आएगी जिस पर चर्चा की जाएगी। संसद परिपक्व है, और चर्चा होगी, घबराने की कोई जरूरत नहीं है। भारत को लोकतंत्र की जननी कहा जाता है, यहां हमेशा विकास होता है। मैं संसद के विशेष सत्र के एजेंडे पर चर्चा करूंगा।'

एक देश-एक चुनाव से बचेंगे करोड़ों रुपये: सुवेंदु अधिकारी
'एक देश, एक चुनाव' भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा, "मैं स्थायी समिति का सदस्य था। तब मैं तृणमूल कांग्रेस पार्टी का सदस्य था। यह कोई नई बात नहीं है...चुनाव में इस्तेमाल होने वाले करोड़ों रुपये बचाए जाएंगे और इस पैसे से नए अस्पताल, सड़कें, रोजगार, हवाई अड्डे और बंदरगाह विकसित किए जा सकते हैं। स्थायी समिति का गठन  2015 में किया गया था।"
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