नियम क्या कहते हैं?
अगर मैच में बारिश होती है तो रिजल्ट के लिए दोनों टीमों का कम से कम 20 ओवर खेलना जरूरी है। पहली पारी में पूरे 50 ओवर हुए तो अब इस मैच के नतीजे के लिए पाकिस्तान का कम से कम 20 ओवर खेलना जरूरी था। अगर बारिश दूसरी पारी के 20 ओवर के बाद होती है तो डकवर्थ लुईस नियम का इस्तेमाल होता और मैच का नतीजा आता। अगर बारिश से मैच धुल जाता है तो दोनों टीमें एक-एक अंक शेयर करेंगी।
पाकिस्तान पहले ही नेपाल के खिलाफ मैच जीत चुका है और अब उसके पास कुल तीन अंक हैं। एक अंक लेकर टीम सुपर-फोर के लिए क्वालिफाई कर चुकी है। वहीं, भारत को सुपर फोर के लिए क्वालिफाई करने के लिए नेपाल के खिलाफ चार सितंबर को होने वाले मैच में किसी भी कीमत पर जीत या ड्रॉ जरूरी होगी। भारत के एक अंक हैं।
भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी किया और 267 रनों का लक्ष्य दिया। ऐसे में अगर पाकिस्तानी टीम 15 ओवर तक 100 रन भी बना लेती और बारिश खलल डालता और फिर बारिश नहीं रुकती, तो मैच को रद्द किया जाता और ऐसा ही हुआ। किसी वनडे मैच में डकवर्थ लुइस नियम लगाने के लिए 20 ओवर का खेल होना जरूरी है। अगर पाकिस्तान की टीम दूसरी पारी में 20 ओवर भी बल्लेबाजी कर लेती और इसके बाद बारिश आती और नहीं रुकती, तो डकवर्थ लुईस नियम का इस्तेमाल होता और विजेता चुना जाता।
अगर पाकिस्तानी टीम के दूसरी पारी में बैटिंग करते समय 15 ओवर के बाद बारिश होती और मैच को रद्द करने के लिए तय किए गए समय से पहले रुक जाती तो 15 ओवर के बाद खेल तो शुरू होता, लेकिन अंपायर पाकिस्तान को डकवर्थ लुईस नियम के तहत नया टारगेट देते। डकवर्थ लुईस नियम में बारिश के बाद बचे हुए वक्त में लक्ष्य का पीछा कर रही टीम को अंपायर द्वारा एक नया टारगेट दिया जाता है। टारगेट बचे हुए विकेट और बचे हुए ओवर को ध्यान में रखते हुए दिया जाता है।
पल्लेकल की पिच रिपोर्ट
श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच मैच में बल्लेबाजी के लिए यह विकेट अच्छा दिखा था। पहली पारी में गेंद पिच पर थोड़ा रुक-रुक आ रही थी। दूसरी पारी के दौरान बल्लेबाजी थोड़ी आसान हो गई। हालांकि, बांग्लादेश के बल्लेबाजों ने श्रीलंका के खिलाफ कई गलत शॉट खेले थे और विकेट इनाम के तौर पर दिए थे। पहली पारी में भी यदि बल्लेबाज खुद को अच्छी तकनीक के साथ मैदान पर टिकने की कोशिश करता है तो विकेट से उसे मदद मिल सकती है। ईशान किशन और हार्दिक पांड्या ने ऐसा करके भी दिखाया। ओवरकास्ट कंडीशन होने की वजह से शुरुआत में शाहीन अफरीदी, नसीम शाह और हारिस रऊफ जैसे पाकिस्तानी तेज गेंदबाजों को विकेट से मदद भी मिली। एक बार गेंद पुरानी होने पर ईशान-हार्दिक ने इसका फायदा उठाया।