तुर्किये और अजरबैजान में आने वाले दिनों में भारतीय पर्यटकों की संख्या, गंतव्य विवाह (डेस्टिनेशन वेडिंग) समारोहों और भारत की फिल्मों की शूटिंग में कमी देखी जा सकती है। सरकार इन दोनों देशों में भारतीयों को न जाने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है। सरकारी सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
हालिया भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान इन दोनों देशों ने पाकिस्तान का समर्थन किया था। यही नहीं, उन्होंने भारत की ओर से पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी ठिकानों पर की गई कार्रवाई की भी निंदा की थी। पाकिस्तान ने इस सैन्य संघर्ष के दौरान भारत के खिलाफ तुर्किये के ड्रोन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया था।
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भारत के इन दोनों देशों के साथ व्यापारिक संबंध पहले ही निगरानी में हैं। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय सहित कई शिक्षण संस्थानों ने तुर्किये के विश्वविद्यालयों के साथ अपनी साझेदारी को निलंबित कर दिया है या इस पर पुनर्विचार कर रहे हैं। सूत्रों ने पीटीआई से कहा, हर साल बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक तुर्किये और अजरबैजान जाते हैं, जो इन दोनों देशों के लिए एक अच्छे-खासे राजस्व का जरिया हैं। सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि भारतीयों को इन दोनों देशों की यात्रा करने से कैसे हतोत्साहित किया जा सकता है।
चलन बन चुका डेस्टिनेशन वेडिंग, करोड़ों रुपये खर्च करते हैं भारतीय
सूत्रों ने अमीर और प्रवासी भारतीय (एनआरआई) विदेश में शादी समारोह का आयोजन करते हैं। यह एक चलन बन चुका है। भारतीय पर्यटक इन देशों के खूबसूरत दृश्य, आकर्षक कैफे और शानदार रेस्तरां के कारण इन्हें पसंद करते हैं। उन्होंने कहा, भारतीय लोग डेस्टिनेशन वेडिंग में करोड़ों रुपये खर्च करते हैं, जो इन देशों के लिए अच्छा राजस्व लाता है। हम देखेंगे कि कैसे तुर्किये और अजरबैजान में भारतीय की ओर से ऐसे आयोजनों को कम किया जा सकता है।
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एफडब्ल्यूआईसी और एआईसीडब्ल्यूए की इन देशों में शूटिंग बंद करने की अपील
पश्चिमी भारत सिने कर्मचारी संघ (एफडब्ल्यूआईसी) और अखिल भारतीय सिने कर्मचारी संघ (एआईसीडब्ल्यूए) ने बुधवार को भारतीय कलाकारों और निर्माताओं को तुर्किये में शूटिंग बंद करने की अपील की। सूत्रों ने कहा, सरकार की ओर से भी तुर्किये और अजरबैजान में फिल्म निर्मात को शूटिंग के लिए समर्थन नहीं मिलेगा। आंकड़ों के मुताबिक, 2023 में करीब तीन लाख भारतीय पर्यटकों ने तुर्किये की यात्रा की और दो लाख से अधिक अजरबैजान गए।
तुर्किये-अजरबैजान के साथ भारत का कितना व्यापार
अप्रैल 2024 से फरवरी 2025 में तुर्कियों को भारत का निर्यात 5.2 अरब डॉलर था, जबकि 2023-24 में यह आंकड़ा 6.65 अरब डॉलर था। वहीं, इसी अवधि के दौरान अजरबैजान को भारत का निर्यात 86.07 मिलियन डॉलर था, जबकि 2023-24 में यह आंकड़ा 89.67 मिलियन डॉलर था। भारत का तुर्किये से आयात 2024-25 में 2.84 अरब डॉलर था, जबकि 2023-24 में यह आंकड़ा 3.78 अरब डॉलर था। यह भारत के कुल 720 अरब डॉलर के आयात का लगभग 0.5 फीसदी है। अजरबैजान से आयात 2024-25 में 1.93 मिलियन डॉलर था, जबकि 2023-24 में यह आंकड़ा 0.74 मिलियन डॉलर था।
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