कश्मीर में 80-90 के दशक में आतंकवादियों के हमलों का दंश झेल चुके कश्मीरी पंडितों पर अब एक बार फिर आतंकी हमलों की छाया मंडरा रही है। खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिली है कि घाटी में मौजूद 40 से ज्यादा आतंकी अब स्थानीय स्कूलों में पढ़ा रहे कश्मीरी पंडितों को निशाना बना सकते हैं। इसके अलावा कश्मीर में काम-धंधा कर रहे हिंदू समुदाय के दूसरे लोगों पर भी आतंकी हमले का अलर्ट है।
उधर, कुलगाम जिले में हुए आतंकवादी हमले में गंभीर रूप से घायल एक अन्य मजदूर ने अस्पताल में दम तोड़ दिया, जिसके बाद इस हमले में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। मारे गए श्रमिक गैर कश्मीरी हैं और पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के रहने वाले थे।
अनुच्छेद 370 हटाने के बाद कश्मीर में कई तरह की पाबंदियां लगाई गई थीं। करीब दो माह बाद जब उन पाबंदियों में ढील दी गई, तो घाटी में छिपे आतंकियों ने दोबारा से सिर उठाना शुरू कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक घाटी में अभी 40 से ज्यादा आतंकी मौजूद हैं। ताजा खुफिया अलर्ट में कहा गया है कि आतंकी, घाटी के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं।
कश्मीरी पंडितों के अलावा हिंदू समुदाय के वे लोग, जो प्राइवेट या सरकारी नौकरी में हैं, आतंकियों का टारगेट बन सकते हैं। इनमें वन, शिक्षा और परिवहन विभाग शामिल है। दो सप्ताह के दौरान आतंकवादियों ने छह ट्रक ड्राइवरों, एक सेब कारोबारी और दूसरे राज्य से आए छह मजदूरों की हत्या कर दी है। हाल ही उन्होंने सोपोर में बस स्टैंड पर ग्रेनेड से हमला किया था, जिसमें एक नागरिक की मौत और कई अन्य लोग घायल हो गए थे।