केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार कृषि क्षेत्र के सामने आ रही चुनौतियों को दूर करने और किसानों की सहायता के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) का इस्तेमाल कर रही है। कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए तकनीकी का उपयोग किया जा रहा है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को संसद में कृषि क्षेत्र के तकनीकी विकास को लेकर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सरकार कृषि क्षेत्र के सामने आ रही चुनौतियों को दूर करने और किसानों की सहायता के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) का इस्तेमाल कर रही है। कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए तकनीकी का उपयोग किया जा रहा है।
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लोकसभा में एक सवाल के जवाब में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि किसान ई-मित्र एआई-संचालित चैटबॉट है। इसके जरिये किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के बारे में सवालों के जवाब मिलते हैं। इस पर कई भाषाओं में किसानों को समाधान प्रदान किया जाता है। पीएम किसान के तहत सरकार पात्र किसानों को तीन बराबर किस्तों में प्रति वर्ष 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
कृषि मंत्री ने कहा कि एआई और मशीन लर्निंग का उपयोग राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली के तहत फसल में कीट संक्रमण का पता लगाने के लिए किया जाता है। जिससे समय पर फसलों को स्वस्थ रखने के लिए कदम उठाए जा सकते हैं। चावल और गेहूं की फसलों के लिए उपग्रह, मौसम और मिट्टी की नमी डाटा सेट, फील्ड की तस्वीरों का उपयोग करके एआई के जरिये फसल स्वास्थ्य मूल्यांकन और फसल की स्वास्थ्य निगरानी की जा सकती है।
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उन्होंने कहा कि फसल बीमा योजना के बारे में किसानों की सहायता के लिए एआई आधारित चैटबॉट PMFBY WhatsApp चैटबॉट शुरू किया गया है। मंत्री ने कहा कि तकनीक का लाभ उठाते हुए सरकार ने फसल नुकसान के आकलन में सुधार और किसानों के लिए समय पर बीमा दावों का भुगतान प्राप्त करने के लिए पारंपरिक फसल कटाई प्रयोगों आधारित उपज अनुमान के साथ प्रौद्योगिकी आधारित उपज अनुमान YES-TECH को लागू किया है।
इस पहल के तहत उपज अनुमान में 30 प्रतिशत भार अनिवार्य रूप से YES-TECH से प्राप्त उपज को दिया गया है। खरीफ 2023 से धान और गेहूं की फसलों के लिए और खरीफ 2024 से सोयाबीन की फसल के लिए YES-TECH (प्रौद्योगिकी पर आधारित उपज अनुमान प्रणाली) शुरू की गई है।