केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तेलंगाना के निजामाबाद में हल्दी बोर्ड के राष्ट्रीय मुख्यालय का उद्घाटन किया। उन्होंने घोषणा की कि भारत सरकार ने हल्दी का निर्यात एक अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। यह कदम हल्दी किसानों की आय बढ़ाने और वैश्विक बाजार में भारत की पकड़ मजबूत करने के लिए उठाया गया है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवा को निजामाबाद में हल्दी बोर्ड के राष्ट्रीय मुख्यालय का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 2030 तक हल्दी का निर्यात एक अरब डॉलर तक करने का लक्ष्य रखा है। बोर्ड हल्दी की पैकिंग, ब्रांडिंग, विपणन व निर्यात पर ध्यान केंद्रित करेगा। शाह ने कहा, हल्दी बोर्ड किसानों के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने, उनकी उपज के निर्यात के अलावा अनुसंधान व विकास की दिशा में काम करेगा।
माओवादियों से बातचीत नहीं...हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटें
गृह मंत्री अमित शाह ने माओवादियों से किसी भी तरह की बातचीत की संभावना से इन्कार किया। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित संगठन के कार्यकर्ताओं को हथियार छोड़ देना चाहिए। पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर देना चाहिए और मुख्यधारा में शामिल हो जाना चाहिए। तेलंगाना के निजामाबाद में हल्दी बोर्ड के राष्ट्रीय मुख्यालय का उद्घाटन करने के बाद एक रैली को संबोधित करते हुए शाह ने यह भी कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी, जो अभी भी ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें ऑपरेशन की प्रभावशीलता को समझने के लिए पाकिस्तान की कमजोर छवि को देखना चाहिए। शाह ने कहा, कांग्रेस (केंद्र) से इन लोगों (माओवादियों) से बातचीत करने को कहती है। हमारी सरकार की नीति है कि हथियार रखने वालों से बात न करें। हथियार छोड़ो, आत्मसमर्पण करो और मुख्यधारा में शामिल हो जाओ। शाह ने कहा कि पूर्वोत्तर में करीब 10,000 लोगों ने हथियार छोड़ दिए और समाज की मुख्यधारा में शामिल हो गए। उन्होंने ताल्लुका स्तर से लेकर राज्य विधानसभाओं तक के पदों के लिए चुनाव भी लड़ा। इसी तरह, पिछले डेढ़ साल में 2,000 से अधिक माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है।