केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर
सरकार ने गंगा किनारे स्थित प्रदूषण फैलाने वाली 141 औद्योगिक इकाइयों को बंद करने का नोटिस जारी किया है। इन इकाइयों ने प्रदूषण पर सातों दिन चौबीसों घंटे निगरानी करने वाली डिवाइस नहीं लगाई है।
ये उपकरण सरकार को इन इकाइयों से होने वाले प्रदूषण पर निगरानी रखने में मदद करते हैं। सोमवार को केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि वर्ष 2015 में बहुत ज्यादा प्रदूषण वाली 3,145 औद्योगिक इकाइयों को नोटिस जारी किया गया था। सत्रह श्रेणियों की इन औद्योगिक इकाइयों को चौबीसों घंटे कचरे या उत्सर्जन पर नजर रखने वाले उपकरण न लगाने की वजह से नोटिस दिया गया था।
इनमें से 1475 यूनिटें उपकरण लगा चुकी हैं और 805 यूनिटें इस महीने के अंत तक यह प्रक्रिया पूरी कर लेंगी। मार्च तक 2280 औद्योगिक इकाइयां औद्योगिक कचरे या उत्सर्जन पर चौबीसों घंटे नजर रखने वाले उपकरण लगा लेंगी। अभी भी 141 औद्योगिक इकाइयों ने प्रदूषण पर निगरानी रखने वाली मशीनें नहीं लगाई हैं और इन्हें बंद करने का नोटिस थमाया गया है।
प्रदूषण पर काबू करने के कदम न उठाने के लिए 321 यूनिटों को बंद किया जा चुका है। जावड़ेकर ने बताया कि फिलहाल गंगा पट्टी में प्रदूषण फैलाने वाली यूनिटों को बंद करने का नोटिस थमाया गया है लेकिन देश के दूसरे हिस्सों में भी प्रदूषण पर नियंत्रण का कदम न उठाने वाली इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।