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Maharashtra: मराठा आरक्षण कार्यकर्ता को मनाने पहुंचा मंत्रियों का प्रतिनिधिमंडल, फिर भी नहीं खत्म किया अनशन

Tue, 05 Sep 2023 09:07 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद (महाराष्ट्र)

सार

Maharashtra: मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग पर अड़े मनोज जरांगे की भूख हड़ताल आठवें दिन में प्रवेश कर गई। मंगलवार को महाराष्ट्र सरकार के मंत्रियों का एक प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें मनाने पहुंचा लेकिन यह उनका विरोध प्रदर्शन खत्म करने में विफल रहा। 
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मनोज जरांगे - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग पर अड़े मनोज जरांगे की भूख हड़ताल आठवें दिन में प्रवेश कर गई। मंगलवार को महाराष्ट्र सरकार के मंत्रियों का एक प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें मनाने पहुंचा लेकिन यह उनका विरोध प्रदर्शन खत्म करने में विफल रहा। 

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अनुकूल फैसला नहीं लिया तो पानी पीना बंद कर दूंगा: जरांगे
जरांगे जालना जिले के अंतरवली सारथी गांव में भूख हड़ताल कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आरक्षण पर अनुकूल फैसला नहीं लिया गया तो वह चार दिनों के भीतर पानी और तरल पदार्थ पीना भी बंद कर देंगे।  

अनशन तुड़वाने का दो बार प्रयास कर चुकी सरकार
सरकार उनका अनशन तुड़वाने के लिए दो बार प्रयास कर चुकी है, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया। बीते शुक्रवार को पुलिस ने अंतरवली सारथी गांव में भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया था। प्रदर्शनकारी 29 अगस्त से अनशन पर बैठे जरांगे को अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग कर रहे थे, लेकिन अधिकारियों ने कथित तौर पर यह करने से इनकार कर दिया था। 

हिंसा में चालीस से ज्यादा पुलिसकर्मी सहित कई लोग घायल
हिंसा में 40 पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए और राज्य परिवहन की 15 से अधिक बसों को आग लगा दी गई। मंगलवार को पर्यटन मंत्री गिरीश महाजन ने अपने कैबिनेट सहयोगियों संदीपन भुमरे और अतुल सावे से मुलाकात की और प्रदर्शन खत्म करने का आह्वान किया। 

वह विधायक नारायण कुछे, राजेश टोपे और पूर्व विधायक अर्जुन खोटकर से भी मिले। महाजन ने जरांगे से कहा कि वह उनके साथ मुंबई आएं और इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से बातचीत करें, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। 
 

सरकार को दिया चार दिन का अल्टीमेटम
जरांगे ने कहा, हम सरकार को चार दिन का समय दे रहे हैं। अगर सरकार मराठा आरक्षण पर जीआर (प्रस्ताव) जारी करने में विफल रहती है, तो मैं पानी, जूस और तरल पदार्थ छोड़ दूंगा।

रिपोर्ट तैयार करने का साठ-सत्तर फीसदी काम पूरा: महाजन
महाजन ने जरांगे को बताया कि एक उप समिति ने रिपोर्ट तैयार करने का साठ-सत्तर फीसदी काम पूरा कर दिया है।  उन्होंने कहा, सरकार को कम से कम तीस दिनों की आवश्यकता है क्योंकि कुछ तकनीकी दिक्कतें हैं। महाजन ने कहा, हमें इस मुद्दे पर ठोस काम करने की जरूरत है। हालांकि, फैसला उससे पहले हो सकता है। हम आपके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं। 

हालांकि, जरांगे ने कहा कि अनशन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा और वह सरकार के साथ पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा, लेकिन अगर चार दिनों के भीतर कोई फैसला नहीं लिया जाता है तो मैं पानी पीना भी छोड़ दूंगा।  
 
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उन्होंने कहा कि एक कॉल के बाद प्रतिनिधिमंडल मुंबई लौट गया, क्योंकि आगे की बातचीत के लिए संपर्क न हो सका। उन्होंने कहा, प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि वे कल वापस आएंगे।  
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