महिला उद्यमियों को 27 करोड़ रुपये के मुद्रा ऋण दिए गए
केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने केंद्र सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास के नौ साल' के साथ नए युग की शुरुआत की है, जिसमें देश ने महिला उद्यमियों को 27 करोड़ रुपये के मुद्रा ऋण का वितरण कर रिकॉर्ड बनाया है, जो आज भारतीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाते हैं। शाह ने ट्वीट किया, प्रगति के सिद्धांत को बदलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने 'महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास के नौ साल' के युग की शुरुआत की है, जिस पर दुनिया आश्चर्यचकित है। भारत ने महिलाओं उद्यमियों को 27 करोड़ रुपये का मुद्रा ऋण वितरिक रिकॉर्ड बनाया है। महिला शक्ति ने भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया है।
गृहमंत्री ने खासतौर पर यह भी जिक्र किया कि नारीत्व का उत्सव प्रधानमंत्री मोदी के नेतृ्त्व वाली सरकार का केवल नारा नहीं, बल्कि अब यह वास्तविकता है, जहां महिलाओं ने अंतरिक्ष से लेकर स्टार्ट-अप और रक्षा से लेकर घरेलू मामलों तक जीवन के सभी क्षेत्रों में सभी शीशों को तोड़कर नई ऊंचाइयों को छुआ है। शाह ने कहा कि 'नारी शक्ति' को लागू करने के लिए मुद्रा योजना के तहत गैर-कृषि लघु और सूक्ष्म उद्यमों के लिए महिलाओं को 27.7 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया। मुद्रा योजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 अप्रैल, 2015 को लॉन्च किया था।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) के तहत मुद्रा ऋण वाणिज्यिक बैंकों, आरआरबी, लघु वित्त बैंकों, सहकारी बैंकों, एमएफआई और एनबीएफसी द्वारा दिए जाते हैं। उधारकर्ता इनमें से किसी भी संस्थान से संपर्क कर सकता है या इस पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकता है।
शाह ने बताया कि कैसे मोदी सरकार ने महिला सुदृढ़ीकरण के तहत 1.45 लाख से ज्यादा महिलाओं के स्वामित्व वाले सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमियों को 15,922 करोड़ के ऑर्डर प्रदान करने में मदद की। मंत्री ने यह भी कहा कि 54 फीसदी महिलाओं को प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान के तहत प्रमाणित किया गया था और 80 फीसदी महिलाएं स्टार्ट-अप इंडिया के तहत लाभार्थी हैं। साथ ही 47 फीसदी स्टार्ट अप में कम से कम एक महिला निदेशक हैं।