देश में रेमडेसिविर इंजेक्शन की किल्लत को दूर करने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत घरेलू रेमडेसिविर निर्माताओं की विनिर्माण क्षमता 38 लाख शीशियों से बढ़कर प्रति माह 74 लाख शीशियां की गई है। 20 अतिरिक्त विनिर्माण स्थलों को भी मंजूरी दी गई है।
इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्रालय ने दवा कंपनियों के साथ बैठक कर एक और बड़ा निर्णय लिया है इसके तहत दवा कंपनियों को 30 अप्रैल तक 19 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को रेमडेसिविर पहुंचाना है। वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय ने ऑक्सीजन की किल्लत पर जवाब देते हुए कहा कि रेमडेसिविर का उपयोग अगर कर रहे हैं तो उसके लिए ऑक्सीजन सपोर्ट भी जरूरी है। मंत्रालय ने कहा कि हमने 14 राज्यों को ऑक्सीजन पहुंचा दिया है और पांच राज्यों में अभी भी भेजना जारी है क्योंकि वहां इसकी भारी मांग है।
बता दें कि सरकार के हस्तक्षेप के बाद रेमडेसिविर के प्रमुख विनिर्माताओं ने स्वेच्छा से 15 अप्रैल 2021 से इसके दाम को 5,400 रुपये से घटाकर 3,500 रुपये से भी कम कर दिया है। इससे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कोविड- 19 के खिलाफ लड़ाई को समर्थन मिलेगा।
11 अप्रैल को निर्यात पर लगी थी रोक
गौरतलब है कि 11 अप्रैल को केंद्र सरकार ने देश में रेमडेसिविर इंजेक्शन की किल्लत को दूर करने के लिए इसके निर्यात पर रोक लगा दी थी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए भी की पारदर्शी कदम उठाए गए।