तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि ने गुरुवार को कहा कि थुथुकुडी में वेदांता के स्टरलाइट कॉपर प्लांट को बंद करने का विरोध करने वालों को विदेशी फंडिंग मिली थी। प्रदर्शनकारियों को या तो विदेशी फंडिंग हुई थी या फिर वे गैर-सरकारी संगठन थे।
यह है पूरा मामला
2018 में विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में 13 लोगों की मौत हो गई थी। इस वजह से स्टरलाइट कॉपर प्लांट को बंद कर दिया था। स्थानीय लोगों ने इसका काफी विरोध किया था। उनका आरोप था कि संस्थान को बंद करना स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर रहा है। स्टरलाइट कॉपर प्लांट का मालिक अनिल अग्रवाल था। गुरुवार को सिविल सेवा के उम्मीदवारों से बात करते हुए राज्यपाल रवि ने कहा था कि थुथुकुडी में विरोध प्रदर्शन विदेशी फंडिंग पर हुआ था। जहां पुलिस ने गोलियां चलाईं। घटना दुर्भाग्यपूर्ण थी, इसमें निर्दोष लोगों की जान भी गई। यह इसका बहुत दुखद हिस्सा है। मैं चाहता हूं कि स्टरलाइट को बंद कर दिया जाए। क्योंकि स्टरलाइट हमारे देश की तांबे की जरूरतों का 40 प्रतिशत उत्पादन करता है। इलेक्ट्रॉनिक उद्योग के लिए तांबा कितना महत्वपूर्ण है, यह सब जानते हैं।
लोग विरोध कर सकते हैं
स्टरलाइट 10 साल के लिए बंद कर दिया गया। विरोध करने वाले लोगों को विदेशी फंडिंग हो रही थी। हमें इसके खिलाफ सख्त होना पड़ेगा। विदेशी फंडिंग को रोकने के लिए कठिन कानून बनाए जा रहे हैं। लोग विरोध करेंगे, आलोचना होगी, लोगों को स्वतंत्रता है, वह विरोध कर सकते हैं। राष्ट्रीय हितों की रक्षा सनिश्चित करना होगा। आज जो भी कट्टरता है, वह विदेशी फंडिग के कारण ही हो पा रहा है।
पीएफआई का दिया उदाहरण
कुछ विदेशी दानदाता भारत विरोधी कामों के लिए फंडिंग करते थे। कन्याकुमारी में एक परमाणु का प्लांट है। वहां जब भी काम शुरू करते हैं, तो जलवायु के नाम पर विरोध शुरू हो जाता है। राज्यपाल ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के बारे में कहा कि इसने इंडिया फ्रेटरनिटी फ्रंट नाम से एक और मोर्चा बनाया है। पीएफआई में अधिकतर धन बाहर से आता है। पीएफआई भारत में सारे काम आतंकी घटनाओं के लिए करते हैं। जो सही नहीं है। राज्यपाल के बयान पर डीएमके उप महासचिव कनिमोझी ने कहा कि राज्यपाल लोगों के संघर्ष को बदनाम कर रहे हैं। मैं इसकी निंदा करती हूं।
स्टालिन ने राज्यपाल पर साधा निशाना
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के स्टालिन ने राज्यपाल आर एन रवि के खिलाफ टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा विधेयकों को रोकना शोभा नहीं देता। स्टालिन ने दावा करते हुए कि राज्यपाल विधेयकों को स्थगित नहीं कर सकते। अनुमोदन में देरी करना कर्तव्य का अपमान है। स्टालिन ने कहा, "मैं तमिलनाडु के राज्यपाल की कड़ी निंदा करता हूं, जो पद की शपथ के विपरीत और राज्य के कल्याण के खिलाफ काम कर रहे हैं। थिंक टू डेयर कार्यक्रम में बातचीत के दौरान राज्यपाल ने राष्ट्रपति की सहमति के लिए उनके पास भेजे गए विधानसभा बिलों पर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के पास तीन विकल्प हैं, सहमति दें, रोक लें, मतलब बिल मर चुका है। तीसरा विकल्प राष्ट्रपति के लिए बिल आरक्षित है। यह राज्यपाल की मर्यादा है।