मिजोरम हादसा इन दिनों सुर्खियों में है। हादसे में अबतक 23 लोगों की मौत हो चुकी है। मालदा के जिला अधिकारी ने बताया कि 23 शवों में से 18 शवों को मिजोरम से मालदा पहुंचा दिया गया है। वहीं, अन्य पांच शवों को कल मालदा पहुंचा दिया जाएगा।
10 रुपये का चेक भी वितरित किया
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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सीवी आनंद बोस ट्रेन से मालदा पहुंचे। यहां उन्होंने मृतकों के परिजनों से बात की और रेलवे द्वारा दिए गए मुआवजे का चेक वितरित किया। जिला अधिकारी नितिन सिंघानिया ने बताया कि सीएम ममता बनर्जी के आदेश के अनुसार मृतकों के दाह संस्कार और दफन की व्यवस्था कराई जा रही है। राज्यपाल कार्यालय के अनुसार, मालदा पहुंचने के बाद राज्यपाल चौधुहार, कोकलामारी और कुतुबगंज भी गए। यहां भी उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। बता दें, राज्यपाल ने रेलवे मंत्री द्वारा दिए गए 10 लाख रुपये का चेक भी उन्होंने वितरित किया।
टीएमसी ने लगाए आरोप
टीएमसी राज्यसभा सांसद समीरुल इस्लाम ने आपत्ति जताते हुए कहा कि रेलवे के चेक को राज्यपाल नहीं बांट सकते। यह असंवैधानिक है। चेक बांटने के लिए रेल मंत्री या रेल अधिकारी को आना चाहिए था। राज्यपाल राजनीति में क्यों लिप्त है, समझ नहीं आता। इस्लाम ने सवाल पूछा कि रेलवे ने श्रमिकों के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं की। शव को ठीक ढंग से संरक्षित क्यों नहीं किया गया। मुख्यमंत्री बनर्जी से हमारी मांग है कि रेलवे को मृतकों के संबंधियों को नौकरी देना चाहिए।
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राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने भी जताया था दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा था कि मिजोरम में हुए पुल हादसे से दुखी हूं। प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजन को (पीएमएनआरएफ) 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी और घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी हादसे में मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की थी।