पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने कहा है कि राज्य के चुनाव आयुक्त राजीव सिन्हा पंचायत चुनाव से पहले जारी हिंसा को रोकने में विफल रहे हैं। गुरुवार को राजभवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राज्यपाल ने चुनाव आयोग से राज धर्म का पालन करने की नसीहत देते हुए चुनाव में हिंसा न हो, ऐसी व्यवस्था करने को कहा है। उन्होंने कहा कि सड़क पर पड़ी लाशों के लिए राज्य चुनाव आयोग जिम्मेदार है। उल्लेखनीय है कि पंचायत चुनाव शनिवार (आठ जुलाई) को है और मतगणना 11 जुलाई को होनी है।
पत्रकार वार्ता में राज्यपाल ने राज्य चुनाव पर प्रश्नों की झड़ी लगा दी। राज्यपाल ने एक के बाद एक सवाल दागे। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान आप लोगों की जान के संरक्षक हैं। आपके पास स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित कराने की सभी शक्तियां हैं। चुनाव के दौरान पुलिस, मजिस्ट्रेट और राज्य तंत्र आपके अधीन हैं। फिर यह भीषण हिंसा क्यों? एसइसी, आप अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में विफल रहे हैं। आपको पता होना चाहिए कि लोगों की मौत के लिए कौन जिम्मेदार है। सड़कों पर पड़ी लाशों के लिए आप जिम्मेदार हैं।
राज्यपाल ने सवाल किया कि आपके कर्तव्य क्या हैं? बंगाल आपसे अपना कर्तव्य निभाने की उम्मीद करता है। राज्यपाल ने कहा, पंचायत चुनाव के दौरान राज्य में लोकतंत्र की हत्या हुई है। राज्य चुनाव आयोग को अपनी जिम्मेदारी ठीक से निभानी चाहिए। राज्य में इतनी हिंसा देखकर भी आयोग कैसे खामोश बैठा है, यह आश्चर्यजनक है। मैंने आपको निष्पक्ष व शांतिपूर्ण चुनाव के लिए नियुक्त किया था। लेकिन आपने राज्य के लोगों को निराश किया है। राज्य चुनाव आयुक्त सिर्फ एक फोन काल से लोगों को हिंसा से बचा सकते थे, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।
तृणमूल ने किया हमला, भाजपा-माकपा ने किया बचाव
राज्यपाल के प्रेस वार्ता के के बाद बंगाल की राजनीति गरमा गई है। तृणमूल कांग्रेस ने जहां राज्यपाल पर भाजपा की दलाली करने का आरोप लगाया वहीं, भाजपा और मापका ने यह कहते हुए राज्यपाल का बचाव किया कि राज्य में जो हो रहा है, राज्यपाल वही कह रहे हैं। राज्यपाल पर निशाना साधते हुए विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने आरोप लगाया कि वे भाजपा की दलाली कर रहे हैं। उन्होंने राज्यपाल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि नेताजी की तरह टोपी पहन लेने से कोई सुभाष चंद्र बोस नहीं हो जाता।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने भी हमला बोलते हुए कहा कि राज्यपाल भाजपा के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। राज्यपाल के तौर पर वह संपूर्ण रूप से व्यर्थ हैं। राजभवन को अब व्यक्तिगत कार्य के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। राजभवन के रुपए से किताबें छपवा रहे हैं। अब वह विपक्षी दलों की ओर से प्रचार भी करने लगे हैं।
वहीं, प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता शमिक भट्टाचार्य व माकपा नेता विकास रंजन भट्टाचार्य ने राज्यपाल का बचाव करते हुए कहा कि राज्य में जो हो रहा है, राज्यपाल वहीं कह रहे हैं। शमिक ने कहा कि ममता बनर्जी और उनकी सरकार बंगाल पर अपना पूरा नियंत्रण स्थापित करना चाहती है।