भारत में ड्राइवरलैस कारों के सपने को मोदी सरकार ने पूरा होने से पहले ही खत्म कर दिया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने साफ किया कि भारत में ड्राइवरलैस तकनीक फिलहाल नहीं आएगी।
इसके पीछे सरकार का तर्क है कि इन कारों की वजह से भारत में बेरोजगारी को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मानना है कि भारत में प्रशिक्षित ड्राइवर की बेहद कमी हैं। सरकार पहले इन्हें तैयार करना चाहती हैं जिसके लिए 22 हजार ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर खोलने की तैयारी हैं।
गडकरी ने कहा कि 'हम भारत में इस तरह की कारों को लाना बेरोजगारी को बढ़ाएगा। हम इस तरह की तकनीक को लाकर किसी की नौकरी पर खतरा पैदा नहीं करना चाहते जहां पहले से ही लोग बेरोजगार हैं।'
उन्होंने आगे बताया कि 'सरकार ओला और उबर की तर्ज पर सरकारी टैक्सी सेवा के लिए एक मोबाइल ऐप जारी करने जा रही है। जबकि लोगों को सस्ता ट्रांसपोर्ट सिस्टम कैसे मिले सरकार इस पर पूरी तरह प्रतिब्ध है।