पीएम मोदी के नमामि गंगे अभियान को जमीन पर उतार पाने में नाकाम रही सरकार अब जनता की शरण में जाने की तैयारी में है। केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनरोद्धार मंत्री उमा भारती ने ऐलान किया है कि वह गंगा स्वच्छता के मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएंगी।
उमा ने कहा है कि जनभागीदारी बढ़ाने के लिए वे अक्टूबर से सप्ताह में तीन दिन गंगा किनारे के गावों में पदयात्रा कर जनता को जागरूक करेंगी। बताया जा रहा है कि उनकी यह पदयात्रा 21 अक्टूबर से शुरू होगी। उमा ने कहा कि जनभागीदारी के लिए उनके पदयात्रा के प्रस्ताव में श्रीश्री रविशंकर, स्वामी राम देव, गायत्री परिवार के प्रमुख प्रणव पांड़या, बिशप और पटना साहिब के प्रमुख ग्रंथी से भी सहयोग का वायदा मिला है।
ये सभी लोग उनकी यात्रा में सहयोग कर जनता को गंगा स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाने का प्रयास करेंगे। वैसे उमा के इस पदयात्रा को सियासी चश्में से भी देखा जा रहा है। अगले वर्ष के शुरू में यूपी और उत्तराखंड विधानसभा का चुनाव है। गंगा स्वच्छता के जरिए उमा की पदयात्रा को दोनों प्रदेशों में भाजपा की सियासी जमीन मजबूत करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।