केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन को कारगर बनाने के लिये कई कदम उठाये गये हैं। सरकार का ज्यादा जोर कचरे के निपटान पर है। इसके लिये कचरे से खाद व बिजली बनाने की योजना को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
अब सभी खाद वितरक कंपनियां कचरे से बनायी गयी खाद की भी बिक्री करेंगी। वहीं, बिजली वितरण कंपनियां खचरे से पैदा होने वाली बिजली को खरीदेंगी।
वेंकैया नायडू मंगलवार को इंडिया हैबीटेट सेंटर में स्वच्छ भारत मिशन पर आयोजित दो दिवसीय वर्कशाप का उद्घाटन करते हुये बोल रहे थे। नायडू ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन जन-आंदोलन बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि, उन्होंने माना कि देश के अलग-अलग संस्कृतियों, भाषाओं व आदतों ने इसकी राह में चुनौतियां भी खड़ी की हैं।
कई इलाकों में बेगैर ट्वालेट के युवाओं की नहीं हो रही है शादी
वेंकैया नायडू
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नायडू ने उम्मीद जताई कि वर्कशॉप में आने वाले नये-नये विचारों के आधार पर बनने वाली रणनीति से यह खाई भी भर जायेगी। वेंकैया नायडू ने बताया कि मिशन के तहत कई लोगों ने निजी स्तर पर बेहतरीन काम किया है। मसलन, आंध्र प्रदेश के चेलापल्ली जिले में एक डॉक्टर परिवार रोजाना लोगों को जागरूक करते हैं। वहीं, गुजरात के अहमदाबाद जिले में 104 साल की बुजुर्ग महिला साफ-सफाई के बारे में लोगों को सजग कर रही हैं।
कई इलाकों में बेगैर ट्वालेट के युवाओं की शादी नहीं हो रही है। इसी तरह धर्मगुरु, आरडब्ल्यूए, नये टेक्रोक्रेट, स्कूल और उसके बच्चे मिशन को आगे बढ़ाने का जिम्मा उठाया है। दूसरी तरफ केंद्र सरकार देश भर में स्वच्छ सर्वेक्षण के लिये अभियान चला रही है। जबकि करीब बीस हजार लोगों को इससे जोड़ा गया है।
वेंकैया नायडू ने जानकारी दी कि अभी तक देश के 122 शहरों के हर घर में शौचालय बन गये हैं। जबकि इस वित्तीय वर्ष के अंत तक इनकी संख्या 739 होगी। उन्होंने बताया कि 21 लाख घरों में व 90,000 सामुदायिक व पब्लिक ट्वालेट बनाने गये हैं। नायडू ने 2019 तक देश को स्वच्छ बनाने की मुहिम से लोगों के जुडने की अपील की।