सख्त कदम का दूरगामी असर
हालांकि घाटी के आंकड़े और जमीनी माहौल पर पैनी नजर रखने वालों का मानना है कि जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ समय में हालात बेहतर हुए हैं। हालांकि यह स्थिति अनुच्छेद 370 हटाए जाने से पहले की थी। राज्य में आतंकवाद की घटनाओं में भी गिरावट देखी गई है।
गृह राज्यमंत्री ने संसद में दावा किया कि वर्ष 2019 के पहले छह महीनों में 2018 के मुकाबले सीमा पार से घुसपैठ में 43 प्रतिशत की कमी आई है। पुलवामा के बाद सुरक्षा बलों ने जिस तरह घाटी में आतंकियों के खिलाफ अभियान शुरु किया, उससे आतंकी घटनाएं कम हो गई हैं। पत्थरबाजों पर भी नकेल कस दी गई।