जीएसटी बिल के संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बावजूद सरकार राजनीतिक दलों के साथ इस मसले पर संवाद जारी रखेगी। सरकार की रणनीति राज्य विधानसभाओं से भी बिल को आम सहमति से पास करवाने की है। हालांकि, जीएसटी से जुड़े अन्य दो बिलों को वित्त बिल के रूप में संसद में लाने की विपक्ष की मांग सरकार को रास नहीं आ रही है।
संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि वित्त मंत्री अरुण जेटली पहले ही कह चुके हैं कि अनुच्छेद 110 के तहत मनी बिल को वित्त बिल में नहीं बदला जा सकता है। इस बीच लोकसभा ने जीएसटी पर वोटिंग के आंकड़ों में सुधार किया गया है।
अनंत कुमार के अनुसार लोकसभा में जीएसटी पारित होने के वक्त 450 सांसदों ने सर्वसम्मति से बिल के पक्ष में वोट किया, तो राज्यसभा में 203 सांसदों ने जीएसटी के पक्ष में मतदान किया। संसदीय कार्य मंत्री के अनुसार जीएसटी पर भाजपा के महज एक सांसद बंसीलाल महतो ने मतदान नहीं किया।
सोमवार को महतो के घुटने का ऑपरेशन हुआ था। जीएसटी ने अंकगणित के मामले में भी एक रिकार्ड बनाया है। लोकसभा में इसके पारित होने का समय आठवें महीने की आठ तारीख को रात आठ बजे रहा। उधर, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने जीएसटी बिल पर पीएम मोदी के संबोधन की जमकर तारीफ की है। 85 वर्षीय देवगौड़ा सरकार के विशेष आग्रह पर सोमवार को जीएसटी के पक्ष में मतदान के लिए संसद आए थे।