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सबरीमाला के सोना विवाद पर घिरी केरल सरकार: मंत्री बोले- 'आलोचना करने वाले राम मंदिर फंड पर भी दें जवाब'

Sun, 28 Jun 2026 03:00 PM IST
प्रशांत तिवारी पीटीआई, तिरुवनंतपुरम

सार

केरल के देवस्वोम एवं स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने सबरीमाला मंदिर से कथित रूप से सोना गायब होने के मामले में राज्य सरकार की आलोचना करने वालों पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि जो लोग इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहे हैं, उन्हें अयोध्या राम मंदिर फंड में कथित अनियमितताओं पर भी जवाब देना चाहिए। 
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स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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केरल के देवस्वोम एवं स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने रविवार को कहा कि जो लोग सबरीमाला मंदिर से कथित रूप से सोना गायब होने के मामले में राज्य सरकार की आलोचना कर रहे हैं, उन्हें अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित फंड हेराफेरी के मामले पर भी सवाल उठाने चाहिए। पल्स पोलियो अभियान का उद्घाटन करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में मंत्री ने किसी राजनीतिक दल या संगठन का नाम लिए बिना कहा कि कुछ लोग हर दिन केवल सबरीमाला मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधते हैं। हम उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं। लेकिन अयोध्या में भी करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी हुई है। जो लोग पहले अयोध्या के श्रद्धालुओं की भावनाओं की बात करते थे, आज वही देश की सत्ता में हैं।"

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अयोध्या मामले का किया जिक्र
मुरलीधरन ने कहा कि जो लोग केरल सरकार की आलोचना कर रहे हैं, उन्हें यह भी बताना चाहिए कि अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित सोना चोरी और फंड हेराफेरी के मामलों पर उनकी क्या राय है। इस दौरान उन्होंने हाल ही में सामने आए अयोध्या राम मंदिर फंड में कथित अनियमितताओं के मामले का भी उल्लेख किया।

एसआईटी रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
मंत्री ने आगे कहा कि सबरीमाला मामले में राज्य सरकार विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।  सबरीमाला स्थित भगवान अयप्पा मंदिर की कलाकृतियों से कथित रूप से सोना गायब होने से जुड़े दो मामलों की जांच कर रही एसआईटी सोमवार को केरल हाई कोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश कर सकती है।
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भाजपा ने CBI जांच की मांग की
हाल ही में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सबरीमाला सोना मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि जांच CBI को नहीं सौंपी गई तो भाजपा पूरे केरल में आंदोलन शुरू करेगी।

कम अल्कोहल वाले पेय पर टैक्स कटौती का बचाव
मुरलीधरन ने राज्य सरकार के बजट में कम अल्कोहल वाले पेय पदार्थों पर टैक्स घटाने के प्रस्ताव का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव वित्त विधेयक (फाइनेंस बिल) का हिस्सा है। यदि विधानसभा में यह विधेयक पारित हो जाता है, तो इसे लागू करने के संबंध में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) सरकार के भीतर चर्चा के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। टैक्स में कटौती केवल कम अल्कोहल वाले पेय पदार्थों पर प्रस्तावित है, अधिक अल्कोहल वाले पेयों पर नहीं।

शराबबंदी पर सरकार का रुख
उन्होंने कहा कि केरल अभी उस स्थिति में नहीं है कि पूरी तरह शराबबंदी लागू की जा सके। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शराब का लोगों के स्वास्थ्य पर कम से कम दुष्प्रभाव पड़े। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा स्पष्ट होने के बावजूद विपक्ष इस प्रस्ताव को गलत तरीके से पेश कर रहा है। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में स्पिरिट मिलाकर शराब बेचने जैसी किसी व्यवस्था की अनुमति नहीं दी जाएगी।

डेंगू और शिगेला संक्रमण पर राहत
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य में फैलने वाले संक्रामक रोगों की स्थिति पहले की तुलना में नियंत्रण में है। शिगेला संक्रमण और डेंगू के मामलों में कमी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में शिगेला संक्रमण से किसी की मृत्यु नहीं हुई है। डेंगू के मामले भी नियंत्रण में हैं। हालांकि, यदि भारी बारिश के दौरान सार्वजनिक स्थानों से कचरा समय पर नहीं हटाया गया, तो स्थिति गंभीर हो सकती है।

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'RSS-BJP का 'असली चेहरा' उजागर'
वहीं, CPI के केरल सचिव बिनॉय विश्वम ने भी अयोध्या राम मंदिर में कथित चंदा गबन के आरोपों को लेकर भाजपा और RSS पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर के नाम पर करीब 1,400 करोड़ रुपये के कथित हेरफेर और भक्तों द्वारा चढ़ाए गए सोने-चांदी के गायब होने के मामले ने RSS-BJP का 'असली चेहरा' उजागर कर दिया है। विश्वम ने कहा कि भाजपा ने हमेशा राजनीतिक लाभ के लिए धर्म और भगवान राम का इस्तेमाल किया तथा बाबरी मस्जिद विध्वंस भी इसी राजनीति का हिस्सा था। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में आध्यात्मिक नेताओं की उपेक्षा करने का आरोप भी लगाया। विश्वम का दावा है कि देशभर के श्रद्धालु इस विवाद पर भाजपा से जवाब मांग रहे हैं और आने वाले चुनावों में उसे सबक सिखाएंगे।  

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