खाद्य एवं उपभोक्ता मंत्री राम विलास पासवान ने मंगलवार को कहा कि गन्ना किसानों को राहत मुहैया कराने के लिए कैबिनेट 8 हजार करोड़ रुपये के पैकेज पर बुधवार को विचार करेगी। उन्होंने कहा कि खाद्य मंत्रालय की ओर से प्रस्ताव भेजा जा चुका है। सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता किसानों और उपभोक्ताओं का हित देखना है।
मंत्रालय के चार साल के कामकाज पर पासवान ने कहा कि उपभोक्ता, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने 2014 से अब तक कई महत्वपूर्ण कदम विभिन्न पहलुओं पर उठाए हैं।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनयम को देश में लागू किया गया जिससे लगभग 81 करोड़ आबादी लाभान्वित हुई है। इसके अलावा राशन कार्ड में सेंधमारी पर रोक और उसकी पोर्टेबिलिटी शुरू की गई। जबकि खाद्य सब्सिडी को सीधे खातों में मुहैया कराने की योजना पर काम चल रहा है। गन्ना किसानों को राहत देने के मामले में उन्होंने कहा कि खाद्य मंत्रालय ने 8000 करोड़ रुपये के पैकेज का प्रस्ताव दिया है। इस पर कैबिनेट अंतिम निर्णय लेगा। पासवान ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता में कृषि और किसान सर्वोच्च है। गन्ना किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने प्रति टन 55 रुपये की आर्थिक सहायता मुहैया कराने का भी निर्णय लिया।
पासवान ने कहा कि राशन कार्ड डाटा का 100% डिजिटीकरण कर दिया गया है। सभी राज्यों के पास पारदर्शिता पोर्टल है, 30 राज्यों में खाद्यान्नों का ऑनलाइन आवंटन किया जा रहा है और 21 राज्यों में आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन प्रणाली का कम्प्यूटरीकरण कर दिया गया है।