दस दिनों की हड़ताल पर गए किसानों को खुश करने के लिए केंद्र सरकार बुधवार को डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का ऐलान कर सकती है। कैबिनेट बैठक में कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) की सिफारिशों पर मुहर लग सकती है। सीएसीपी ने पिछले साल की तुलना में प्रति क्विंटल 80 से 400 रुपये तक एमएसपी बढ़ाने को कहा है।
कृषि मंत्रालय को भेजी गई सीएसीपी की सिफारिशों में दालों और अनाज की एमएसपी में 40 से 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की सिफारिश की गई है। सूत्र बताते हैं कि मंत्रालय ने सीएसीपी की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है, हालांकि उसमें मामूली बदलाव किए गए हैं। इसमें ज्यादातर फसलों की एमएसपी को 50 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है जबकि कुछेक में बढ़त का प्रतिशत कम है। इसकी वजह सीएसीपी द्वारा कुछेक अनाज के एमएसपी में बढ़ोतरी को पिछले साल की तुलना में 40 प्रतिशत से कम रखा जाना था। माना जा रहा है कि यह अनाज ज्वार, बाजरा, मक्का और रागी समेत अन्य हैं।
सूत्र बताते है कि मंत्रालय ने नीति आयोग के कृषि विशेषज्ञों से इस पर विचार-विमर्श कर राय भी ली है। इसके बाद ही मंत्रालय ने कैबिनेट नोट जारी किया है जिस पर बुधवार को विचार-विमर्श किया जाएगा। याद रहे कि आयोग द्वारा खरीफ फसल में सरकार को लागत का डेढ़ गुना एमएसपी मुहैया कराने का खर्च 1.12 लाख करोड़ रुपये बताया गया था।
एक जून से दस दिनों की हड़ताल पर गए किसानों की मांगों में कर्ज माफी, डेढ़ गुना एमएसपी मुहैया कराना और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करना है। केंद्र ने किसान हड़ताल को अब तक तव्वजो नहीं दी है, बल्कि केंद्र और भाजपा शासित राज्य में मंत्रियों ने इसे राजनीति से प्रेरित करार दिया है। कृषि मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक सरकार का इरादा किसानों से बजट में किए गए वादे को पूरा करना है। वह उस दिशा में बढ़ रही है और जल्द ही खरीद पर डेढ़ गुना एमएसपी किसानों को मिलेगा। सीएसीपी ने ने अरहर, उड़द की एमएसपी प्रति क्विंटल 400 रुपये बढ़ाने की सिफारिश की है।
सीएसीपी ने मूंग पर 350 रुपये, धान (सामान्य व ग्रेड ए) पर प्रति क्विंटल 80 रुपये, ज्वार (हाइब्रिड, मलडांडी) पर 75 रुपये, बाजरा पर 95 रुपये, मक्का पर 60 रुपये और रागी पर 175 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी करने को कहा है। गौरतलब है कि सीएसीपी ने सिफारिशों में बढ़ोतरी का आकलन पिछले साल के एमएसपी के आधार पर किया है।