सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को स्कूलों में सुरक्षा के लिए तीन माह में गाइडलाइंस तैयार करने को कहा है। शीर्ष अदालत ने यह निर्देश गुरुग्राम के स्कूल में मारे गए सात वर्षीय छात्र के पिता और कुछ वकीलों की याचिकाओं का निपटारा करते हुए दिया है। दिशा निर्देश का पालन सभी सरकारी और निजी स्कूलों को करना होगा।
न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल और न्यायमूर्ति रोहिंग्टन एफ नरीमन की पीठ ने मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वह याचिकाओं में उठाई गई मांगों पर विचार करे और तीन महीने के अंदर इस पर निर्णय ले। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र और सभी राज्य सरकारों को नोटिस जारी कर यह पूछा था कि स्कूलों की सुरक्षा को लेकर उनके क्या नियम हैं। हरियाणा, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश ने अपना जवाब भी दाखिल कर दिया था। याचिकाओं में गुहार की गई थी कि सरकार को स्कूलों में बच्चों को यौन उत्पीड़न से बचाने को लेकर गाइडलाइंस तैयार करने का निर्देश दिया जाए।