लोगों के जीवन को महत्वपूर्ण बताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कसौली के कुछ होटल व रिसॉर्ट के अवैध निर्माण को ढहाने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने अवैध निर्माण केकारण कसौली खतरे में हैं। अवैध निर्माण से भू-स्खलन का भी हमेशा खतरा बना रहता है। पैसे बनाने केलिए लोगों की जान से समझौता नहीं किया जा सकता। यह कहते हुए पीठ ने अवैध निर्माण करने वाले होटल व रिसॉर्ट मालिकों को किसी तरह की राहत देने से इनकार कर दिया।
पीठ ने कहा कि कसौली में कुछ होटल व रिसॉर्ट ऐसे हैं जो छह मंजिला है जबकि उन्हें दो मंजिला होना चाहिए। पीठ ने होटल व रिसॉर्ट मालिकों से अवैध निर्माण ढहाने केलिए कहा है। पीठ ने कहा कि आखिर यह हो क्या रहा है। पीठ ने मालिकों से कहा, वहां भू-स्खलन हो रहा है लेकिन आपको इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि वहां लोग रह रहे हैं। आखिर पैसे केलिए लोगों की जान खतरे में क्यों डाल रहे हैं।’ कसौली केकुछ होटल व रिसॉर्ट मालिकों ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल केउस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें बिना स्वीकृति केकिए गए निर्माण को ढहाने का निर्देश दिया गया था।
मंगलवार को सुनवाई केदौरान कुछ होटल एवं रिसॉर्ट की ओर से पेश वकील ने पीठ केसमक्ष यह स्वीकार किया है कि उनकेयहां अवैध निर्माण हुआ है। पीठ ने इन होटल एवं रिसॉर्ट से कहा कि या तो आप खुद अवैध निर्माण गिरा दीजिए या हम अथॉरिटी को ढहाने का निर्देश देंगे।
मालूम हो कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने एनजीटी केआदेश पर रोक लगा रखी थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इन होटल एवं रिसॉर्ट से कहा कि वे अवैध निर्माण में किसी तरह गतिविधियां नहीं करेंगे। गत वर्ष एनजीटी ने बर्ड्स व्यूह, होटल पाइन व्यूह, नारायणी गेस्ट हाउस, होटल नीलगिरि सहित कुछ होटल एवं रिसॉर्ट केअवैध निर्माणों को ढहाने का आदेश दिया था। साथ ही एनजीटी के कुछ होटल व रिसॉर्ट पर भारी जुर्माना भी किया था।