केंद्र सरकार ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में नक्सल रोधी अभियान में लगे सुरक्षा बलों के लिए सरकार ने लगभग 250 बुलेट और माइन प्रोटेक्टेड वाहन खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं, गृह मंत्रालय ने वित्तीय अभाव में जवानों की मौत के आरोप को पूरी तरह से खारिज कर दिया।
इसके साथ ही सरकार ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक नक्सली हमले झेलने वाले बस्तर क्षेत्र में 45 हजार केंद्रीय अर्द्धसैनिक जवान और 20 हजार राज्य पुलिस बल लगाए गए हैं। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए गृह मंत्रालय ने कहा कि वास्तव में इसमें कोई सच्चाई नहीं है कि वित्तीय संसाधनों के अभाव में नक्सलियों के साथ लड़ाई में सीआरपीएफ जवानों की अमूल्य जानें गई हैं।
इसमें कहा गया कि सुरक्षा संबंधित व्यय योजना के लिए जहां 2011-12, 2012-13, 2013-14 में 575 करोड़ रुपये जारी किए गए थे वहीं वर्ष 2014-15, 20150-16, 2016-17 में 675 करोड़ रुपये जारी किए गए।
सरकार ने कहा कि छत्तीसगढ़ में अर्द्धसैनिक बलों के पास 50 माइन प्रोटेक्टेड वाहन उपलब्ध हैं और ऑर्डनेंस फैक्टरीज बोर्ड से 30 माइन प्रोटेक्टेड वाहन के खरीदने की प्रक्रिया जारी है। वहीं उनके पास 42 बुलेट प्रूफ वाहन उपलब्ध हैं जबकि 210 बुलेट प्रूफ वाहनों के खरीदने की प्रक्रिया जारी है।