नई दिल्ली के सरदार पटेल भवन के एक सरकारी स्टाफ कैंटीन को इसलिए तोड़ दिया गया ताकि वहां पर भाजपा नेता और सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन राज्य मंत्री विजय गोयल का ऑफिस बनाया जा सके। पिछले साल ही इस कैंटीन को मॉडर्न बनाने में 52 लाख रुपए का खर्च आया था। रिकॉर्ड के अनुसार सरकारी बिल में दिखाया गया है कि पांच स्टोरी बिल्डिंग में बने अकेले स्टाफ कैंटीन को गोयल के ऑफिस में बदलने के लिए 1.09 करोड़ रुपए का खर्च आया है। सितंबर 2017 तक विजय खेल एवं युवा मामलों के मंत्री थे। उन्हें पांच महीने पहले ही केंद्रिय मंत्री बनाया गया था।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अब तक गोयल दो बार इस ऑफिस का मुआयना कर चुके हैं। ज्यादातर काम मंत्री के निजी कर्मचारियों के परामर्श अनुसार किया गया है। मंत्री ने वास्तु के अनुसार कुछ और संशोधन बताए हैं। हालिया सुझाव पर अमल करने के लिए अभी और पैसा लगेगा जिसका हम जल्द ही आंकलन करके उन्हें भेज देंगे। इस मामले पर विजय गोयल का कहना है कि उन्हें नहीं पता था कि स्टाफ कैंटीन को ऑफिस में बदलने की लागत 1 करोड़ रुपए आएगी।
गोयल ने कहा- जब मुझे सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन राज्य मंत्री का कार्यभार सौंपा गया तो मैंने अधिकारियों से मौजूदा कमरों में से अपने लिए एक ऑफिस बनवाने के लिए कहा। नया ऑफिस बनाने का निर्णय मेरा नहीं था। मुझे नहीं पता था कि वहां पहले कोई कैंटीन थी या नहीं। मुझे अपने ऑफिस बनवाने के लिए खर्च होने वाली राशि का भी अंदाजा नहीं था। यह काम लोक निर्माण विभाग का है। नया ऑफिस कुछ दिनों में बनकर तैयार हो जाएगा।