नोट बंदी के फैसले पर जारी सियासी रस्साकसी के बीच सरकार ने गुरूवार को सर्वदलीय बैठक बुलाने की घोषणा की है। संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन से जारी गतिरोध के बाद सरकार की ओर से बीच का रास्ता निकालने का यह पहला कदम है। इस बैठक में सरकार की ओर से विपक्ष के समक्ष नोट बंदी पर चर्चा में संसद के दोनों सदनों में प्रधानमंत्री के हस्तक्षेप के जरिए हिस्सा लेने का प्रस्ताव दिया जाएगा। हालांकि सरकार किसी भी कीमत पर लोकसभा में कार्यस्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा के लिए तैयार नहीं होगी।
गौरतलब है कि विपक्ष राज्यसभा में प्रधानमंत्री के जवाब, फैसला कथित तौर पर लीक होने की जेपीसी से जांच और लोकसभा में मतदान वाले नियम के तहत चर्चा की शर्त रखी है। इस कारण सत्र का कामकाज ठप है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि विपक्ष सरकार के इस नए प्रस्ताव पर राजी होती है या नहीं। बैठक सत्र शुरू होने से एक घंटा पहले गृह मंत्री की अध्यक्षता में होगी।
इस बैठक में वित्त मंत्री अरुण जेटली, सूचना प्रसारण मंत्री वैंकेया नायडू, संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार सरकार की ओर से शिरकत करेंगे। जबकि बैठक केलिए सरकार ने राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद, लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता मल्लिकर्जुन खडग़े सहित सभी दलों के नेताओं को आमंत्रित किया है।