यह घर लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) का आधिकारिक पता रहा है। जो अब पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की मृत्यु के बाद उनके बेटे चिराग पासवान और रामविलास पासवान के भाई पशुपति कुमार पारस के बीच मतभेदों के कारण दो गुटों में बंट गई है। इस घर का प्रयोग पार्टी की संगठनात्मक बैठकों और अन्य संबंधित कार्यक्रमों के आयोजन के लिए नियमित रूप से किया जाता था।
लोकसभा सांसद चिराग पासवान ने अपने दिवंगत पिता रामविलास पासवान को आवंटित बंगला बुधवार को खाली कर दिया। इससे पहले उन्हें पिछले साल जारी किए गए एक निष्कासन आदेश को अमल में लाने के लिए एक सरकारी टीम यहां भेजी गई थी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत आने वाले संपदा निदेशालय की एक टीम के वहां पर पहुंचने के तुरंत बाद लुटियंस दिल्ली में जनपथ स्थित बंगले से फर्नीचर और घरेलू सामान ले जाया गया।
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लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के आधिकारिक पते 12 जनपथ बंगले से सामान लदे दो ट्रक बाहर निकले, जबकि तीन और बंगले के सामने खड़े थे। अधिकारियों ने कहा कि बंगला केंद्रीय मंत्रियों के लिए रखा गया है और सरकारी आवास में रहने वालों को इसे खाली करने के लिए कहा गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की मृत्यु के बाद चिराग पासवान और उनके चाचा पशुपति कुमार पारस के बीच मतभेदों के चलते लोजपा दो धड़ों विभाजित हो गई। दोनों लोजपा के नेतृत्व के लिए अड़े हुए हैं।
यह घर लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) का आधिकारिक पता रहा है। जो अब पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की मृत्यु के बाद उनके बेटे चिराग पासवान और रामविलास पासवान के भाई पशुपति कुमार पारस के बीच मतभेदों के कारण दो गुटों में बंट गई है। इस घर का प्रयोग पार्टी की संगठनात्मक बैठकों और अन्य संबंधित कार्यक्रमों के आयोजन के लिए नियमित रूप से किया जाता था।