मिड डे मिल सहित कई अन्य सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आधार जरूरी करने से संबंधित अधिसूचनाओं को केंद्र सरकार ने जायज ठहराया है। सरकार ने आधार योजना को मौलिक अधिकारों के लिए मददगार बताया। बता दे कि सरकार की अधिसूचनाओं के तहत 30 जून के बाद मिड डे मिल सहित कई अन्य सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उन लोगों को ही मिलेगा जिनके पास आधार होगा।
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में सरकार ने कहा है कि आधार योजना मौलिक अधिकारों को मजबूती प्रदान करने वाला है। यह असंवैधानिक नहीं है। सरकार ने कहा कि करीब 115 करोड़ लोगों केपास आधार है ऐसे में अदालत को अधिसूचनाओं पर अंतरिम रोक नहीं लगानी चाहिए। सरकार ने कहा है कि वर्ष 2014-15 केदौरान आधार के इस्तेमाल से प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजना द्वारा सरकार ने 49560 करोड़ रुपये बचाए।
सरकार ने कहा कि 30 जून तक जो लोग आधार केलिए आवेदन करेंगे, उन लोगों को भी एनरॉलमेंट नंबर के आधार पर भी इन योजनाओं का लाभ मिलेगा। सरकार ने अपने हलफनामे में विश्व बैंक की उस टिप्पणी का उल्लेख किया है जिसमें कहा गया कि अगर सभी योजनाओं के लिए आधार को सही तरीके से लागू किया गया तो सरकार को हर वर्ष 11 बिलियन डॉलर की बचत होगी। केंद्र सरकार ने शांता सिन्हा द्वारा दायर जनहित याचिका पर अपना जवाब दाखिल किया है। याचिका में सरकार की अधिसूचनाओं को मौलिक अधिकारों के विपरीत बताया है।