विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने शुक्रवार को संसद में बताया कि रूसी सेना में अभी भी 18 भारतीय नागरिक हैं, जिनमें से 16 नागरिकों के लापता होने की रूसी पक्ष द्वारा जानकारी दी गई है। हालांकि, रूसी अधिकारियों से अपील की गई है कि वह नागरिकों की सुरक्षा और उनकी जल्द रिहाई सुनिश्चित की जाए।
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को संसद में बताया कि रूसी सेना में अभी भी 18 भारतीय नागरिक सेवारत हैं। रूस की ओर से जानकारी दी गई है कि इनमें से 16 नागरिक लापता हैं। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में इस बारे में जानकारी दी।
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सरकार से पूछा गया कि क्या उसके पास रूसी सेना में शामिल भारतीय नागरिकों की संख्या का डेटा है। इसके अलावा, विदेश मंत्रालय (एमईए) से यह भी पूछा गया कि क्या सरकार के पास उन भारतीय नागरिकों के भारत लौटने की तारीखों का डेटा है, जिन्हें अब तक रिहा किया गया है।
127 में से 97 नागरिकों की सेवाएं समाप्त की गईं
सवालों का जवाब देते हुए विदेश राज्य मंत्री सिंह ने कहा, 'उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रूसी सशस्त्र बलों में 127 भारतीय नागरिक थे, जिनमें से 97 की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। इस मामले पर भारत और रूसी सरकारों के बीच उच्चतम स्तर पर निरंतर बातचीत की गई, जिसके परिणामस्वरूप यह संभव हो सका।'
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भारतीय मिशन ने की भारत वापसी में सहायता
कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि रूसी सेना में भारतीय नागरिकों की सेवा समाप्त होने के बाद, रूस में भारतीय मिशन ने उनकी भारत वापसी में सहायता की, जिसमें यात्रा दस्तावेजों की सुविधा और हवाई टिकटों की व्यवस्था करना शामिल है। सिंह ने कहा, 'फिलहाल, 18 भारतीय नागरिक रूसी सेना में हैं, जिनमें से 16 के लापता होने की रूसी पक्ष द्वारा जानकारी दी गई है।'
नागरिकों की सुरक्षा और रिहाई की अपील की गई
सरकार ने संसद को बताया कि रूसी अधिकारियों से सेना में फंसे नागरिकों की सुरक्षा और उनकी जल्द रिहाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है। साथ ही लापता व्यक्तियों के बारे में भी जानकारी देने की अपील की गई है। मंत्री सिंह ने कहा कि रूसी पक्ष ने अगस्त 2024 में घोषणा की थी कि रक्षा मंत्रालय ने अप्रैल 2024 से अपने सशस्त्र बलों में भारतीय नागरिकों की भर्ती बंद कर दी है।