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कोरोना: कई राज्यों में मरीज घटने से सरकार 'उत्साहित', विशेषज्ञ बोले- इतनी जल्दी निष्कर्ष निकालना ठीक नहीं

Tue, 04 May 2021 08:46 AM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

 केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कई राज्यों में कोरोना के दैनिक मामलों में कमी आई है। इस पर विशेषज्ञों ने कहा कि यह कमी न के बराबर है, ऐसे में जल्दबाजी में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना ठीक नहीं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर का कहर जारी है। पिछले हफ्ते से लगातार हर दिन साढ़े तीन लाख से ज्यादा नए कोरोना मरीज मिल रहे हैं। हालांकि, एक मई की तुलना में बीते 3 दिनों से नए मरीजों की संख्या में कमी दर्ज की जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसी ओर इशारा करते हुए कहा कि कई राज्यों में कोरोना के दैनिक मामलों में कमी आई है। इस पर विशेषज्ञों ने कहा कि यह कमी न के बराबर है, ऐसे में जल्दबाजी में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना ठीक नहीं।

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि एक मई यानी बीते शनिवार को देश में रिकॉर्ड 4 लाख से ज्यादा नए कोरोना मरीज मिले थे। इसके बाद 2 मई यानी रविवार को 3.92 और सोमवार 3.68 लाख मामले सामने आए हैं। जबकि पिछले 24 घंटे में 3.55 लाख नए मरीज मिले हैं। इस आंकड़े को देखकर संकेत मिल रहे हैं कि कई राज्यों में कोरोना के दैनिक मरीजों की संख्या में कमी आई है। उन्होंने कहा कि पिछले दो सप्ताह के दौरान ठीक होने वाले मरीजों की संख्या और कुछ जिलों की स्थिति से भी शुरुआती संकेत सकारात्मक मिल रहे हैं। 

अग्रवाल ने कहा कि महाराष्ट्र, दिल्ली, पंजाब, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी नए मामले कम हुए हैं, लेकिन आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, कर्नाटक, केरल इत्यादि में यह तेजी से बढ़ रहे हैं।
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ठीक होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी
संयुक्त सचिव लव कुमार अग्रवाल ने बताया कि हर दिन मिलने वाले संक्रमित मरीज और संक्रमण को मात देने वाले मरीजों के बीच अगर अंतर देखें, तो वह काफी तेजी से बढ़ा है। 20 अप्रैल को 1,54,761 मरीज स्वस्थ्य हुए थे। जबकि 2,59,170 नए मामले सामने आए थे। उस दौरान इनके बीच 60 फीसदी का अंतर पाया गया था, लेकिन पिछले एक दिन में यह अंतर 82 फीसदी तक दर्ज किया गया है। हालांकि 21 से 24 अप्रैल के बीच यह अंतर 50 फीसदी तक पहुंच गया था, लेकिन डिस्चार्ज होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही इसमें सुधार होने लगा।

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दो दिन की स्थिति पर बोलना जल्दबाजी : विशेषज्ञ

विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से जुड़े प्रारंभिक संकेत मिल रहे हैं। हालांकि फिलहाल इसका गणितीय आकलन करके दूसरा पीक निकलने का दावा करना ठीक नहीं है। कम से कम दो से तीन सप्ताह एक जैसी स्थिति होने के बाद ही यह कहा जा सकता है कि भारत में कोरोना की दूसरी लहर अब कमजोर पड़ने लगी है।

इन राज्यों में मिल रहे हैं संकेत
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार छत्तीसगढ़, दमन व दीव, दिल्ली, गुजरात, झारखंड, लद्दाख, लक्षद्वीप, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, तेलंगाना,, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में संकेत मिल रहे हैं कि यहां प्रतिदिन संक्रमित मिलने वाले मामले अब कम हो रहे हैं।

जबकि अंडमान निकोबार, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, चंडीगढ़, गोवा, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, कर्नाटक और केरल में मामले बढ़ रहे हैं। इनके अलावा मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, पुडुचेरी, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में भी नए मामले बढ़ते जा रहे हैं।
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