केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी व इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने शनिवार को कहा कि आधार आधारित प्रत्यक्ष रूप से कैश लाभ सुविधा स्कीम की मदद से सरकार को पिछले एक साल में 36000 करोड़ रुपये की बचत हुई। मनरेगा व इस प्रकार के अन्य कार्यक्रम के तहत श्रमिकों को सीधे उनके खाते में भुगतान किया गया।
प्रसाद ने कहा कि ग्रामीण इलाके में ई-कॉमर्स की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार अपनी कई सामाजिक स्कीम के तहत श्रमिकों की मजदूरी का भुगतान सीधे तौर पर उनके खाते में कर रही है और इन वजहों से पिछले एक साल में इतनी बड़ी राशि की बचत हुई और लिकेज पर रोक लगी।
औद्योगिक संगठन पीएचडी चेंबर के एक कार्यक्रम में प्रसाद ने कहा कि सरकार के समर्थन से ई-कॉमर्स कारोबार में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है और अगले पांच सालों में ई-कॉमर्स कारोबार का आकार एक लाख करोड़ डॉलर का हो जाएगा। प्रसाद ने बताया कि सरकार बड़े स्तर पर डिजिटल व ई-कॉमर्स अभियान चला रही है जिससे गरीब श्रमिकों को कल्पना से परे जाकर उसका लाभ मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि यह डिजिटल इंडिया व ई-कॉमर्स पहल की शक्ति है और इसे मजबूत करने के लिए सरकार साइबर सुरक्षा के लिए नीतिगत पहल व उपयुक्त कानून के साथ हर संभव प्रयास करेगी।
प्रसाद ने कहा कि सरकार के इन प्रयासों की बदौलत 40 मोबाइल कंपनियां भारत में मोबाइल निर्माण के लिए अपनी यूनिट लगा रही है। इनमें से 11 यूनिट को नोएडा में लगाने की मंजूरी दी गई है।
उन्होंने बताया कि डाक सेवाओं के विस्तार के लिए सरकार की तरफ से जो डिजिटल पहल की गई है उसकी वजह से सिटी बैंक, बार्कलेज बैंक और ड्यूश बैंक जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियां ग्रामीण भारत में पेमेंट बैंक खोलने के लिए भारतीय डाक के साथ गठबंधन करना चाहती है।