कोरोना संकट के बीच लगे लॉकडाउन की वजह से कार्यालय नहीं आ पाने वालों को केंद्र सरकार की तरफ से राहत दी गई है। सरकार ने उन कर्मियों को राहत दी है, जो कोरोना के चलते विभाग की स्वीकृति लेकर स्टेशन अवकाश पर गए थे, लेकिन बाद में लॉकडाउन और परिवहन के साधन की कमी की वजह से तय समय पर कार्यालय नहीं पहुंच पाए। कई राज्यों ने अपनी सीमा के भीतर आने पर प्रतिबंध लगा रखा था।
कार्मिक मंत्रालय ने इन सवालों पर स्पष्टीकरण देते हुए केंद्र सरकार के सभी विभागों को एक आदेश जारी किया है। साथ ही, निर्देश दिया है कि इस विषय पर उन्हें डीओपीटी का अनावश्यक रूप से संदर्भ देने से परहेज करना चाहिए।’ इसमें कहा गया है कि जो कर्मचारी आधिकारिक दौरे पर थे और सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध नहीं रहने के कारण कार्यालय नहीं आ पाए तथा उन्होंने इसकी सूचना कार्यालय को दी थी, तो ऐसी स्थिति में मान लिया जाए कि दौरा खत्म होने के अंतिम दिन वे ड्यूटी पर लौट आए।
बहुत से ऐसे कर्मचारी भी हैं जो सप्ताह के अंत में अपने घर गए थे, लेकिन लॉकडाउन 1 लागू होने के कारण वे दोबारा से कार्यालय नहीं आ पाए। जैसे 20 मार्च 2020 को शुक्रवार को कर्मचारी अपने घर चले गए और 23 मार्च को वे लॉकडाउन होने की वजह से वापस नहीं आ सके। अगर मुख्यालय को इन कर्मियों की सूचना मिली है तो इन्हें 23 मार्च से ड्यूटी पर मान लिया जाएगा। वे कर्मचारी जो लॉकडाउन लागू होने से पहले छुट्टी पर गए थे और उनकी वापसी लॉकडाउन के दौरान तय थी, लेकिन ट्रांसपोर्ट सुविधा न होने के कारण वे कार्यालय नहीं पहुंच सके। इनके लिए भी व्यवस्था की गई है।