केंद्र सरकार ने प्याज की घरेलू आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों पर लगाम लगाने के लिए आयात के नियमों में राहत देने का फैसला किया है। इस संबंध में बुधवार को जारी एक आदेश के अनुसार सरकार प्याज की कीमत को काबू में लाने के लिए बनाए गए भंडार (बफर स्टॉक) से इस सब्जी की अधिक मात्रा बाजार में लाएगी। बता दें कि सितंबर में सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को उचित दरों पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया था।
केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि 37 लाख टन की खरीफ की प्याज मंडियों में पहुंचने की संभावना है। इससे बाजार शांत करने में मदद मिलेगी। मंत्रालय के अनुसार, पिछले 10 दिनों में प्याज की कीमतों में 11.56 रुपये प्रति किलोग्राम की तेज बढ़ोतरी हुई है। इससे इसका औसत राष्ट्रीय खुदरा भाव 51.95 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया है। पिछले साल इसी समय प्याज 46.33 रुपये चल रहा था।
मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि प्याज के खुदरा मूल्य में वर्ष 2020 के अगस्त अंत से उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, हालांकि मूल्य का स्तर पिछले साल 18 अक्तूबर तक नीचे ही था। प्याज के आयात को सुविधाजनक बनाने के लिए मंत्रालय ने कहा, 'सरकार ने 21 अक्तूबर को पौध संगरोध आदेश (पीक्यू), 2003 के तहत 15 दिसंबर, 2020 तक आयात के लिए धूम्रशोधन तथा फायटोसेनेटरी प्रमाण (पीएससी) के बारे में अतिरिक्त सूचना की शर्तों में ढील दी है।'