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वैक्सीन: कोविशील्ड की 50 लाख डोज ब्रिटेन निर्यात करना चाहता था सीरम इंस्टीट्यूट, सरकार ने लगाई रोक

Tue, 11 May 2021 12:42 PM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्र सरकार ने अंतरराष्ट्रीय दबाव और कई दौर की बातचीत के बावजूद सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) की ब्रिटेन को 50 लाख डोज निर्यात करने की मांग ठुकरा दी।
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कोविशील्ड - फोटो : twitter@serum institute
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विस्तार
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ब्रिटेन भेजी जा रही कोविशील्ड की 50 लाख डोज का इस्तेमाल अब भारत में 18 से 44 साल की उम्र के लोगों के टीकाकरण में होगा। केंद्र सरकार ने अंतरराष्ट्रीय दबाव और कई दौर की बातचीत के बावजूद सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) की ब्रिटेन को 50 लाख डोज निर्यात करने की मांग ठुकरा दी। केंद्र सरकार ने यह फैसला देश में वैक्सीन की कमी के मद्देनजर लिया है।

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सीरम इंस्टीट्यूट के सरकार एवं नियामकीय मामलों के डायरेक्टर प्रकाश कुमार सिंह ने स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिखकर इस संबंध में अनुमति मांगी थी, जिसे केंद्र सरकार ने खारिज कर दिया।  केंद्र सरकार ने 21 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को ये डोज आवंटित करने का फैसला किया है।

सीरम इंस्टीट्यूट ने एस्ट्राजेनेका से हुए समझौते के तहत ब्रिटेन को 50 लाख डोज भेजने के लिए 23 मार्च को केंद्र से अनुमति मांगी थी। इसमें कहा गया था कि इससे भारत में चल रहे टीकाकरण को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। हालांकि, देश में वैक्सीन की कमी को देखते हुए केंद्र सरकार ने एसआईआई की मांग ठुकरा दी। अब कोविशील्ड वैक्सीन की ये 50 लाख खुराक देश के 18-44 साल की उम्र के लोगों के लिए उपलब्ध हैं।
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आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भारत में तेजी से बढ़ते मामलों को देखते हुए इन टीकों का इस्तेमाल भारत में किया जाएगा। मंत्रालय ने राज्यों को कंपनी से संपर्क कर टीका खरीदने को कहा है। संक्रमण की स्थिति को देखते हुए इन 50 लाख डोज में से कुछ राज्यों को साढ़े तीन लाख, कुछ को एक लाख लाख और अन्य को 50 हजार डोज का आवंटन किया गया है।

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बदलना पड़ सकता है लेबल

सूत्रों ने बताया कि वैक्सीन के लेबल को बदलना पड़ सकता है क्योंकि वैक्सीन को यूके में आपूर्ति के लिए पैक किया गया था। इसलिए शीशियों पर एक अलग लेबल चिपकाया गया था, लेकिन अब उन्हें स्थानीय बाजार में दी जानी है, इसलिए उन्हें एक नए लेबल की आवश्यकता है।
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