सरकार ने शेल कंपनियों पर लगाम लगाने के लिए उनपर सख्ती बढ़ाने का फैसला लिया है। अब कंपनियों के लिए ई-फाइलिंग करना अनिवार्य होगा। साथ ही कंपनियों को अपने रजिस्टर्ड ऑफिस और डायरेक्टरों की जानकारी भी ऑनलाइन देनी पड़ेगी। कंपनी के ऑडिटर्स और मैनेजमेंट के प्रमुख अधिकारियों को पहली बार डिटेल के साथ रजिस्टर्ड ऑफिस की फोटो जमा करने को कहा गया है। अब कंपनियों को अपने ऑफिस का अक्षांश-देशांतर (लैटिट्यूड-लॉन्गिट्यूड) भी बताना होगा।
सरकार ने कंपनियों पर सख्त कदम इसलिए उठाया है क्योंकि शेल कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई में अनेक ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें कई कंपनियां एक ही पते को अपना रजिस्टर्ड ऑफिस बता रही हैं। लेकिन वास्तव में इन कंपनियों में कोई काम नहीं होता है। देश में इस वक्त करीब 12 लाख से अधिक रजिस्टर्ड कंपनियां हैं। इन्हीं सब पर लगाम लगाने के लिए कंपनी मामलों के मंत्रालय ने अधिसूचना जारी की है।
बीते साल कंपनी मामलों के मंत्रालय ने ही केवाईसी नियम जारी किया था। जिससे करीब 33 लाख डायरेक्टर प्रभावित हुए थे। अब नए नियम के अनुसार डायरेक्टरों के लिए अपना मोबाइल नंबर, ईमेल, पैन जैसी व्यक्तिगत जानकारियों की ई-फाइलिंग करना भी जरूरी होगा। इसके साथ ही डायरेक्टरों के लिए 30 सेकेंड का वीडियो क्लिप अपलोड करना भी अनिवार्य होगा। इस वीडियो क्लिप में उन्हें अपने बारे में बताना होगा।