सोशल मीडिया पर यौन अपराध से जुड़े वीडियो को ब्लॉक करने और हटाने के लिए केंद्र सरकार एक विशेष जांच एजेंसी का गठन करेगी। केंद्र ने गुरुवार को इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी। इस एजेंसी के मार्फत सरकार की कोशिश साइबर क्राइम पर निगाह रखने की है।
जस्टिस एमबी लोकुर और यू ललित की बेंच ने सरकार से इस एजेंसी की संरचना और कार्य पद्धति अथवा इसके गठन को स्पष्ट करने के लिए कहा है। कोर्ट ने सरकार ने पूछा है कि यह एजेंसी सीबीआई के अधीन काम करेगी या गृह मंत्रालय के?
एडिशनल सॉलीसिटर जनरल मनिंदर सिंह ने कहा कि इस संबंध में बजट में फंड की घोषणा कर दी गई है ताकि एक विशेष केंद्रीय संस्था का गठन किया जा सके, जिसके जरिए सोशल मीडिया पर यौन अपराध से जुड़े वीडियो को ब्लॉक, अपलोड करने से रोकने और इसके सर्कुलेशन को रोका जा सके।
दुनिया की कुछ बड़ी कंपनियों जैसे गूगल इंडिया, माइक्रोसॉफ्ट इंडिया, याहू इंडिया और फेसबुक ने कोर्ट के नोटिस के जवाब में कहा कि इन वीडियो को ऑटो ब्लॉक करना संभव नहीं है।