मद्रास हाई कोर्ट ने बकिंघम नहर, अड्यार और कूवम नदियों की सफाई नहीं करने के कारण तमिलनाडु सरकार पर 100 करोड़ रुपये का जुर्माना करने के राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश को चुनौती देने वाली राज्य सरकार की याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी।
जस्टिस आर सुबैया और जस्टिस सी सरवनन की खंडपीठ ने कहा कि याचिका विचार योग्य नहीं है। खंडपीठ ने कहा कि एनजीटी अधिनियम की धारा 22 के तहत एनजीटी के किसी भी आदेश के खिलाफ केवल सुप्रीम कोर्ट में ही अपील की जा सकती है। सरकार ने एनजीटी के आदेश को चुनौती देते हुए तर्क दिया था कि यह आदेश ‘बिना सोच विचार’ के ही गलत तथ्यों के आधार पर दिया गया है।