नोटबंदी से पहले लोगों के बचत खातों में कितना पैसा था और कितना जमा हुआ, यह जानकारी आयकर विभाग ने बैंकों से मांगी है। आयकर विभाग ने 1 अप्रैल से 9 नवंबर 2016 के बीच बचत खातों में जमा किए गए कैश का ब्यौरा मांगा है। बैंकों को यह आदेश भी दिया गया है कि जिन बचत खातों में पैन नंबर या फॉर्म 60 की नहीं लगाए गए हैं, 28 फरवरी तक इन जरूरी जानकारियों को बचत खातों से जोड़ा जाए।
मीडिया खबरों के मुताबिक आयकर विभाग ने बैंकों, को-ऑपरेटिव बैंकों और पोस्ट ऑफिसों से 1 अप्रैल से 9 नवंबर 2016 के दौरान जमा हुए कैश की रिपोर्ट मांगी है।
इससे पहले आयकर विभाग ने बैंकों से 10 नवंबर से 30 दिसंबर 2016 के दौरान बचत खातों में 2.5 लाख से ज्यादा और चालू खातों में 12.5 लाख से ज्यादा जमा कराई गई रकम की रिपोर्ट मांगी थी।
इसके अलावा एक ही दिन में 50,000 रुपये से ज्यादा राशि जमा कराने वाले खाता धारकों की जानकारी भी मांगी गई थी। एक अनुमान के मुताबिक नोटबंदी के बाद तकरीबन 15 लाख करोड़ रुपये की रकम के पुराने नोट बैंकिंग सिस्टम में लौटे हैं। कर विभाग ने जमा कराए गए इन रुपयों की जांच शुरू कर दी है।