आम तौर पर कश्मीर में तैनात भारतीय सेना और सैन्य बलों की नकारात्मक छवि ही लोगों के सामने आती है। लेकिन इस बार एक ऐसा वाकया सामने आया है जिसमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के सहयोग के दो कश्मीरी युवा स्पेन के फुटबॉल क्लब में जगह बना पाने में सफल हुए हैं।
श्रीनगर के रहने वाले युवा फुटबॉल खिलाड़ी बासित अहमद और मोहम्मद असरार को स्पेनिश फुटबॉल लीग ला-लीगा के थर्ड डिवीजन क्लब में खेलने के लिए चुना गया है। दोनों खिलाड़ी श्रीनगर से हैं और उन्हें कश्मीर घाटी में फुटबॉल की प्रतिभाओं का चयन करने के लिए सीआरपीएफ द्वारा गठित विशेष समिति ने चुना है।
ये दोनों खिलाड़ी स्पेन के थर्ड डिवीजन फुटबॉल 'सोसाइडे डेप्रोविटा लेंसे प्रोइन्सटर' के साथ खेलते नजर आएंगे। 18 साल के ये दोनों फुटबॉल खिलाड़ी इसलिए भी तारीफ के काबिल हैं क्योंकि घाटी में मौजूदा तनाव के बावजूद इन दोनों ने फुटबॉल खेल के प्रति अपने प्रेम और जुनून को बरकरार रखा। जबकि पिछले चार महीनों से घाटी में हालात ठीक नहीं थे। ऐसी स्थिति में इन युवाओं का इस तरह की सफलता पाना बेहद सुखद है।
सीआरपीएफ ने स्पेन के इस फुटबॉल क्लब से हाथ मिलाया ताकि जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को प्रोत्साहन दिया जा सके। बासित और असरार ने इसी पहल की बदौलत स्पेन की टीम के साथ खेलने का मौका हासिल किया। अपनी सफलता पर बासित कहते हैं यह तो एक सपने की तरह है। यह सपना जो अब सच्चाई में बदलने जा रहा है। असरार ने बताया, मैंने तो इसके बारे में कभी सोचा ही नहीं था। प्रतिस्पर्धा तगड़ी थी। मुझे भी सीखने का मौका मिलेगा और मैं अपना सर्वश्रेष्ठ दूंगा। सीआरपीएफ और क्लब के बीच हुए समझौते के मुताबिक छह महीने तक इन दोनों के खेल से जुड़े सभी खर्चे संबंधित स्पेनिश क्लब द्वारा उठाए जाएंगे।
इसरार सेंटर फॉरवर्ड खेलते हैं जबकि रहबर विंगर की भूमिका निभाते हैं। यह पहला मौका है कि कोई भारतीय खिलाड़ी स्पेनिश क्लब के लिए खेलते नजर आएंगे।