पीएम ने लिखा कि सरकार ने विकलांग की जगह दिव्यांग शब्द को लोकप्रिय बनाया। यह केवल शब्द का परिवर्तन नहीं था। इससे दिव्यांगों को नई गरिमा मिली और समाज में उनके योगदान को स्वीकार किया गया। सरकार ने दिव्यांगों के जीवन को आसान, सरल और आत्म-गौरव से भरा बनाने की भावना के साथ विकलांग व्यक्ति अधिनियम लागू किया। इसके तहत कवर की जाने वाली श्रेणियों को सात से बढ़ाकर 21 कर दिया।
अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिव्यांगों के महत्व और उनके संघर्ष को याद करते हुए लेख लिखा। प्रधानमंत्री ने अपने पोर्टल पर साझा किए लेख में लिखा कि भारत सरकार ने दिव्यांग व्यक्तियों के उत्थान के लिए कई काम किए हैं। जबकि पिछली सरकारों की नीतियों ने दिव्यांगों को हमेशा दबाया है।
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पीएम ने लिखा कि सरकार ने विकलांग की जगह दिव्यांग शब्द को लोकप्रिय बनाया। यह केवल शब्द का परिवर्तन नहीं था। इससे दिव्यांगों को नई गरिमा मिली और समाज में उनके योगदान को स्वीकार किया गया। सरकार ने दिव्यांगों के जीवन को आसान, सरल और आत्म-गौरव से भरा बनाने की भावना के साथ विकलांग व्यक्ति अधिनियम लागू किया। इसके तहत कवर की जाने वाली श्रेणियों को सात से बढ़ाकर 21 कर दिया। इसमें तेजाबी हमले के पीड़ितों को भी जोड़ा गया।
उन्होंने कहा कि भारतीय दर्शन और महाकाव्यों में दिव्यांगों लिए सम्मान भरा हुआ है। सरकार ने दिव्यांगों की प्रगति के लिए कई नीतियां और उपाय तैयार करने के लिए संविधान से प्रेरणा ली है। सरकार का मूल सिद्धांत है कि दिव्यांग भाई और बहनों का जीवन सरल, सहज और आत्म-गौरव से भरा हो।
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पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 10 साल में दिव्यांगों की कल्याण निधि में तीन गुना वृद्धि हुई है। इन फैसलों से साफ है कि सरकार संवेदनशील, समावेशी और सभी के विकास के लिए है। सार्वजनिक जीवन में आने के बाद से मैंने हमेशा दिव्यांगों के जीवन को आसान बनाने के लिए काम किया है। मैंने प्रधानमंत्री बनने के बाद इसे राष्ट्र का संकल्प बना लिया।
पैरालंपिक में भारतीय खिलाड़ियों की सफलता पर पीएम ने कहा कि उन्होंने देश को सम्मान दिलाया। उनकी सफलता उनकी ऊर्जा का प्रतीक है। सरकार ने दिव्यांगों को विभिन्न कौशल से जोड़ा है। यह प्रशिक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इसने आत्मविश्वास को बढ़ाया है। इसने उन्हें रोजगार की तलाश करने की आंतरिक शक्ति दी है। इसके अलावा दिव्यांगों के प्रति समाज की मानसिकता में भी बदलाव आया है।
पीएम ने कहा कि मैं पूरे विश्वास के साथ कहता हूं कि जब हम 2047 में स्वतंत्रता की 100वीं वर्षगांठ मनाएंगे, तो हमारे दिव्यांगों को पूरी दुनिया में प्रेरणा स्रोत के रूप में देखा जाएगा। उन्होंने लोगों से एक ऐसा समाज बनाने का आह्वान किया, जहां कोई सपना और लक्ष्य असंभव न हो। तभी एक समावेशी और विकसित भारत बन सकेगा और इसमें दिव्यांगों बड़ी भूमिका होगी।