फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रिपोर्ट: बूस्टर डोज के लिए कोविड टीकों के मिश्रण की अनुमति नहीं दे सकती सरकार! एनटीएजीआई की बैठक में होगी चर्चा

Thu, 12 May 2022 10:38 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सूत्रों का कहना है कि फिलहाल सरकार प्राथमिक टीकाकरण के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले टीके के अलावा किसी अन्य टीके की एहतियाती खुराक की अनुमति नहीं दे सकती है।
विज्ञापन
कोरोना वैक्सीन - फोटो : Social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत में बढ़ते कोरोना मामलों को देखते हुए कहा जा रहा था कि सरकार बूस्टर डोज को लेकर खास योजना बना रही है। इस दौरान बूस्टर डोज के लिए कोरोना टीकों को मिक्स करके लगाए जाने की खबर भी सामने आई थी। इस बारे में सूत्रों का कहना है कि फिलहाल सरकार प्राथमिक टीकाकरण के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले टीके के अलावा किसी अन्य टीके की एहतियाती खुराक की अनुमति नहीं दे सकती है।

विज्ञापन


एनटीएजीआई ने की समीक्षा
एनटीएजीआई के कोविड वर्किंग ग्रुप ने पिछले सप्ताह क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (सीएमसी) वेल्लोर द्वारा किए गए अध्ययन के निष्कर्षों की समीक्षा की। इसमें बताया गया है कि वैज्ञानिक प्रमाणों से पता चला है कि पहले कोरोना टीके कोवैक्सिन के बाद कोविशील्ड की बूस्टर खुराक देने से एंटीबॉडी का स्तर 6 से 10 गुना अधिक होता है। इसको लेकर एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि  हालांकि शोध में वो फायदा नहीं देखा गया जब कोवैक्सिन को बूस्टर डोज के रूप में दो कोविशील्ड खुराक के बाद दिया गया था। चुनौतियों पर विचार करते हुए इस मामले पर अब अंतिम सिफारिश के लिए एनटीएजीआई की स्थायी तकनीकी उप-समिति की बैठक में चर्चा की जाएगी।

दरअसल, चार मई को बायोलॉजिकल ई ने भारत के ड्रग रेगुलेटर को एक आवेदन सौंपा था, जिसमें कोविशील्ड या कोवैक्सिन के दो डोज लेने वाले वयस्कों को बूस्टर खुराक के रूप में कोविड वैक्सीन कॉर्बेवैक्स के आपातकालीन उपयोग की मांग की गई थी।  गौरतलब है कि अभी तक,देश में कोरोना  टीकों के मिश्रण की अनुमति नहीं है अर्थात एहतियाती खुराक पहली और दूसरी खुराक के समान ही दी जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें