विवादास्पद इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाईक पर केंद्र सरकार प्रतिबंध लगा सकती है। दरअसल बांग्लादेश से मिली जानकारी और प्रारंभिक जांच के क्रम में ही नाइक के भाषणों को भड़काऊ और बेहद आपत्तिजनक पाए जाने के बाद केंद्र सरकार इस संबंध में कानूनी राय ले रहा है।
इस बीच एनआईए, आईबी, ईडी की करीब एक दर्जन जांच टीम नाइक के भाषणों, सोशल साइट्स, विदेशी दौरे और इस दौरान रही गतिविधियों के साथ-साथ नाईक के एनजीओ इस्लामिक रिसर्च सेंटर को हुई विदेशी फंडिंग की जांच कर रहा है।
बताते हैं कि इस क्रम में जिन चुनिंदा सौ भाषणों को खंगाला गया है, वे न सिर्फ भड़काऊ हैं बल्कि बेहद आपत्तिजनक भी हैं। कई भाषण आतंकवाद को समर्थन देने वाले और विवादास्पद पाए गए हैं। गौरतलब है कि नाईक के पीस टीवी को प्रसारण और डाउनलिंक की इजाजत सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने नहीं दी थी। इसके बावजूद पीस टीवी का प्रसारण कई देशों में होता रहा।
सूत्रों ने बताया कि तीन सदस्यीय ईडी की टीम इस्लामिक रिसर्च सेंटर को हुए विदेशी फंडिंग का स्रोत पता करने में जुटी है। आईबी की चार टीमें नाइक के भाषणों की फुटेज और भाषणों की सीडी, तीन टीमें सोशल साइट्स पर उसकी गतिविधि और दो टीमें सिर्फ फेसबुक पर उसकी गतिविधियों की लगातार जांच कर रही है। एनआईए की टीम नाइक के विदेशी दौरों के दौरान की गतिविधियों की जानकारी इकट्ठे कर रही है।