अगले माह जनवरी में होने वाली जीएसटी परिषद की 32वीं बैठक में घर खरीदारों को बड़ा तोहफा मिल सकता है। बैठक के दौरान परिषद निर्माणाधीन मकानों पर जीएसटी की दर घटाकर 5 फीसदी कर सकती है। अभी निर्माणाधीन मकानों पर 12 फीसदी जीएसटी वसूला जाता है।
मामले से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में निर्माण पूरे हो चुके मकानों की खरीदारी पर उपभोक्ताओं को किसी तरह का जीएसटी नहीं देना पड़ता है। हालांकि यह जरूरी है कि ऐसे मकानों या फ्लैट को कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी किया जा चुका हो। वहीं, जिन निर्माणाधीन मकानों और ऐसे रेडी टू मूव फ्लैटों की ब्रिकी के समय तक कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया है, उनकी खरीद पर 12 फीसदी जीएसटी देना होता है।
अधिकारी के अनुसार, निर्माणाधीन मकानों पर वसूले जाने वाले इस टैक्स का अधिकतर हिस्सा इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के रूप में बिल्डर को वापस कर दिया जाता है, जिससे उपभोक्ता पर जीएसटी का वास्तविक बोझ 5-6 फीसदी ही रह जाता है। लेकिन बिल्डर आईटीसी का लाभ वापस ग्राहकों को नहीं देते हैं। उन्होंने कहा कि परिषद ऐसे बिल्डर के लिए निर्माणाधीन मकानों पर जीएसटी दर 5 फीसदी करने की तैयारी में है, जो 80 फीसदी इनपुट सामग्री पंजीकृत डीलर से खरीदते हैं।
अभी निर्माण में इस्तेमाल होने वाले ज्यादातर सामग्रियों पर 18 फीसदी की दर से जीएसटी लगता है। ऐसे में इसकी दर 5 फीसदी तक लाने से बिल्डर और ग्राहक दोनों को लाभ होगा। परिषद उन शिकायतों पर भी ठोस कदम उठाने की तैयारी में है, जिसमें कहा गया है कि बिल्डर घर खरीदारों को आईटीसी का लाभ नहीं देते हैं।