केंद्र सरकार में विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी), रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) एवं बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान (आईबीपीएस) सहित विभिन्न भर्ती एजेंसियां, कम्प्यूटर आधारित परीक्षा यानी 'सीबीटी' का आयोजन करती हैं। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) अभियांत्रिकी, चिकित्सा एवं अन्य स्नातक/स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा भी ऑनलाइन होने लगी हैं। देखने में आया है कि सरकारी नौकरी के लिए कंप्यूटर आधारित टेस्ट पर 'मुन्नाभाई' की बुरी नजर पड़ गई है। विभिन्न तकनीकों के माध्यम से 'सीबीटी' में सेंध लगाने का प्रयास होता है। इसी के मद्देनजर डीओपीटी ने सीबीटी प्लेटफार्म को फुलप्रूफ सुरक्षा प्रदान करने के लिए कई हिदायतें जारी की हैं।
अनुचित साधनों के माध्यम से दुरुपयोग
भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत 'कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग' द्वारा जारी आदेशों में कहा गया है कि उक्त परीक्षा आयोजन एजेंसियों (ईसीए) के अलावा बहुत-सी इकाइयां, बाजार आधारित सेवा प्रदाताओं डिजिटल एवं भौतिक ढांचा (परीक्षा केंद्र) तथा सॉफ्टवेयर समाधानों को शामिल करती हैं। ऐसा माना जाता है कि ये एजेंसियां या प्लेटफॉर्म पूरे देश में पारदर्शी, निष्पक्ष एवं विश्वसनीय सीबीटी के आयोजन को सुनिश्चित करने में मुख्य भूमिका निभाते हैं।
परीक्षा आयोजन एजेंसियों के बीच कुछ ऐसे अनुभव भी रहे हैं, जो ऐसी डिजिटल एवं फिजिकल दोषपूर्णताओं की तरफ इशारा करते हैं, जिनका बेईमान तत्वों द्वारा अनुचित साधनों के माध्यम से दुरुपयोग किया गया है। हालांकि इस तरह का प्रयास, कुछ चुनिंदा उम्मीदवारों को लाभ पहुंचाने के लिए होता है, परंतु इससे परीक्षा की संपूर्ण विश्वसनीयता पर प्रतिकूल असर पड़ता है। इसके चलते परीक्षा में बैठने वाले वास्तविक एवं ईमानदार उम्मीदवारों की सफलता और उनके अवसर भी खतरे में आ जाते हैं।
इन सुधारों की है तत्काल आवश्यकता
परीक्षाओं की आयोजना एवं आयोजन, दोनों के एक और अधिक समन्वित और एकीकृत साझा तंत्र के लिए ईसीए की समावेशी (डीसाइलोड) कार्यप्रणाली हो। स्थापित एवं मानकीकृत शिष्टाचार (प्रोटोकॉल) व दिशानिर्देश, जिनका सभी ईसीए और उनके सेवा प्रदाताओं द्वारा अनुपालन किया जाए। वास्तविक परीक्षा केंद्रों एवं सॉफ्टवेयर समाधान संबंधी सेवाओं, दोनों की खरीद के लिए प्रस्ताव और सेवा स्तर के आदर्श अनुरोध (आरएफपी) हों।
मुख्य रूप से छद्मरूपण परिलक्षित नियंत्रण नीति एवं उचित तकनीक का प्रयोग किया जाए। साइबर सुरक्षा पर मानक प्रचालन प्रक्रियाएं (एसओपी), जिन्हें सभी ईसीए और इसके सभी केंद्रों पर साझा व लागू किया गया है, इसे जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाओं का साझाकरण हो। ऐसी नीतियों का निर्माण करना, जो बाजार में सेवा प्रदाताओं के प्रतियोगी पारिस्थितिकी तंत्र को प्रोत्साहित और परिपोषित करें। इस मकसद से विकसित संसाधनों के राष्ट्रीय पूल के सभी केन्द्रीय ईसीए द्वारा उपयोग के लिए रणनीति बनाना, अनुकूलित करना और साथ ही जब भी अनुरोध किया जाए तो इसे राज्यों के लिए भी उपलब्ध करवाना।
राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी को दिशानिर्देशों की जिम्मेदारी
यह निर्णय लिया गया है कि राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (एनआरए), समय-समय पर आवश्यकतानुसार स्थापित मानक एवं दिशानिर्देश तैयार करेगी, जिन्हें अधिसूचित किया जाएगा। एनआरए, उन मुद्दों के समाधान के लिए, जिनमें से कुछ ऊपर सूचीबद्ध किए गए हैं, शिष्टाचार एवं नीतिगत ढांचा विकसित करेगी। केन्द्रीय ईसीए और सेवा प्रदाताओं द्वारा दिशानिर्देशों एवं मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए एनआरए प्रभावी साधन भी विकसित करेगी। सभी ईसीए और इसके सेवा प्रदाताओं द्वारा अपनाए जाने वाले मानकीय एवं मानकीकृत शिष्टाचार एवं दिशानिर्देश, शीर्षक के तहत शामिल किए जाने वाले व्यापक सांकेतिक क्षेत्र संलग्नक पर सूचीबदृध हैं।
ये दिशानिर्देश/मानक, जब तक अन्यथा प्रावधान ना किया जाए, कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी), रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी), बैंकिंग कामिक चयन संस्थान (आईबीपीएस) राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) एवं ऐसी केन्द्रीय एजेंसियां, जो विभिन्न पदों पर भर्ती और स्नातक/स्नातकोत्तर पाठयक्रमों में भर्ती के लिए परीक्षाओं का आयोजन करती है, पर लागू होंगे। राज्य की परीक्षा आयोजन एजेंसियां भी कदाचारों को रोकने और परीक्षाओं के सीबीटी माध्यम से आयोजन को लीक-प्रूफ बनाने को सुनिश्चित करने के लिए इन दिशानिर्देशों व मानकों का पालन कर सकती हैं।
सेवा प्रदाताओं के लिए दिशानिर्देश
प्रश्न बैंक के लिए विनियामक एवं मानकीकृत मानदंड तथा दिशानिर्देश व उनका प्रबंधन/कार्यानवयन, ये सब बातें दिशानिर्देशों में शामिल होंगी। प्रश्न बैंक के सृजन की प्रक्रिया, विषय-वस्तु के निर्माण यथा प्रश्न तैयार करने, अनुवाद तथा अंतिम रूप देने संबंधी सम्पूर्ण कार्यकलाप की गोपनीयता सुनिश्चित करना और अनन्य (एक्सक्लूसिव) प्रश्न बैंक तैयार करना। सीबीटी के आयोजन में इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म के लिए मानकीय एवं मानकीकृत शिष्टाचार।
जिन इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म पर सीबीटी का आयोजन होता है, वे सीबीटी के केन्द्रीय घटक हों। यह एक इलेक्ट्रॉनिक सॉफ्टवेयर सिस्टम है, जो परीक्षा के समग्र आयोजन के लिए प्लेटफॉर्म का कार्य करता है। इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म से संबंधित कई पहलुओं का पालन हो। मसलन, इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म के लिए सेवा-स्तरीय विशिष्टताओं/मानदंडों का विकास, इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म/सॉफ्टवेयर ऐप्लीकेशनों एवं संबंधित सेवाओं का विकास करना/प्राप्त करना और हैकिंग जैसे कदाचारों से प्लेटफॉर्म की पूर्ण सुरक्षा करना। प्रश्न-पत्रों का प्रेषण एवं प्रतिक्रियाओं को एकत्र करना, इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म की संगतता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करना, इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म की संरचना, इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉम/सिस्टम की पुष्टि एवं लेखापरीक्षा और इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म के विकास एवं उपयोग से संबंधित कोई अन्य पहलू।
केंद्रीय स्तर पर नियंत्रित हो सीबीटी लैब
सीबीटी लैब को केंद्रीय स्तर पर नियंत्रित किया जाना चाहिए। एमईआईटीवाई द्वारा निर्धारित साइबर सुरक्षा दिशानिर्देशों को ध्यान में रखते हुए एनआरए के जरिए तैयार किए गए साइबर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित हो। उम्मीदवारों की पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान मानकीकरण एवं सभी आवेदनों/पंजीकरण सॉफ्टवेयर एवं प्रकियाओं की अंतरसंक्रियात्मकता (इंटर आपरेटिबिलिटी) सुनिश्चित करें। प्रतिरूपण को रोका जाए। आवेदकों के बॉयोमेट्रिक डाटा को दर्ज करें। वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) का उपयोग किया जाए। सीबीटी के परीक्षा केन्द्रों और निरीक्षण के लिए मानकीय एवं मानकीकृत शिष्टाचार और दिशानिर्देशों का पालन हो।
सीबीटी के आयोजन के लिए परीक्षा केन्द्र, परीक्षा व्यवस्था का सर्वाधिक महत्व पूर्ण घटक है। वर्तमान में, अधिकतर सरकारी निकायों के पास नियुक्ति, प्रवेश के लिए सीबीटी के आयोजन के लिए समर्पित परीक्षा अवसंरचना नहीं हैं। परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था सेवा प्रदाताओं द्वारा की जाती है। ये परीक्षा केंद्र प्रायः तृतीय पक्ष द्वारा किराए पर लिए जाते हैं। ये केंद्र मानक परीक्षा केंद्र नहीं हैं। साथ ही, निरीक्षण, सर्वर रूम सहित आईटी अवसंरचना के प्रबंधन के लिए इन केन्द्रों पर नियोजित कर्मचारी प्राय: तृतीय पक्ष दवारा आउटसोर्स किए जाते हैं। ये अंतराल इन्हें विभिन्न कदाचारों के संदर्भ में जोखिमपूर्ण बनाते हैं।
निम्नलिखित क्षेत्रों पर ध्यान दिया जा सकता है
सीबीटी केन्द्र स्थापित करना, सीबीटी का पता लगाने और दूरस्थ क्षेत्रों के लिए अलग से सीबीटी की स्थापना के मानदंड तय हों। इमारतों की पहचान और उनका सीबीटी केंद्रों के रूप में विकास करना। सीबीटी केन्द्रों तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना। सीबीटी केंद्रों के भीतर उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाएं। राज्य की प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय हो। सीबीटी का प्रबंधन, संचालन एवं पर्यवेक्षण किया जाए। सीबीटी केंद्रों में मानव संसाधन का नियोजन हो। हार्डवेयर सुविधाओं का उपबंध एवं उनका प्रबंधन हो। परीक्षा का आयोजन एवं पर्यवेक्षण रहे। परीक्षा प्रकिया के संचालन के दौरान बाह्य एजेंसी द्वारा लेखा परीक्षा हो। परीक्षा प्रक्रिया की इलेक्ट्रॉनिक निगरानी रहे। परीक्षा केंद्रों को स्वच्छ बनाया जाए। परीक्षा के दौरान आपात स्थितियों एवं अप्रत्याशित घटनाओं से निपटना। कम्प्यूटर आधारित परीक्षा के आयोजन के लिए राज्य सरकार से समर्थन एवं सहयोग के प्रोटोकॉल तैयार करना। परीक्षा के आयोजन से संबंधित एनआरए द्वारा यथा-निर्धारित कोई अन्य क्षेत्र के बारे पता लगाना। मूल्यांकन एवं विश्लेषण प्रक्रिया के लिए मानकीय एवं मानकीकृत मानदंड हों।
बहु-आषायी प्रश्नों एवं उत्तरों से डील करना
एक बार परीक्षा अयोजित हो जाने और उत्तर केंद्रीय डाटा केंद्र को प्रेषित कर दिए जाने के बाद उत्तरों का मूल्यांकन किया जाएगा। प्रश्न-पत्र एवं उत्तर कुंजियों पर आपत्तियां मांगना और उनका निवारण करना। बहु-आषायी प्रश्नों एवं उत्तरों से डील करना। उम्मीदवारों के उत्तरों का रिकॉर्ड रखना। कदाचारों को रोकने के लिए सुद्दढ़ निरीक्षण-तंत्र के लिए मानकीय एवं मानकीकृत मानदंड तैयार करना, जैसे कदाचारों की व्याख्या करना, कदाचारों की पहचान करना, कदाचारों पर रोक लगाना, कदाचार की घटनाओं से निपटना (डील करना) और कदाचारों का पता लगाने व उन्हें रोकने के लिए कृत्रिम बुद्धिमता (आर्टीफिशियल इंटलिजेंस) व मशीन अधिगम (लर्निंग) जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग करना। वर्जित (डीबार्ड) उम्मीदवारों तथा काली सूची में डाले गए सेवा प्रदाताओं, केन्द्रों, स्क्राइब्स आदि के संबंध में सूचना साझा करना।