वाणिज्य व उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि एच1बी वीजा मामले में अमेरिका के रुख से आईटी कंपनियों के कारोबार पर निश्चित रूप से प्रभाव पड़ेगा और अब सरकार को अमेरिकी कांग्रेस के फैसले का इंतजार है।
सीतारमण ने बताया कि इस मामले में वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय जल्द ही आईटी कंपनियों व उनके संगठन नैसकॉम से बात करने जा रहा है ताकि सरकार को यह जानकारी मिल सके कि अमेरिका में काम करने वाली ये भारतीय कंपनियां इस मामले में क्या रणनीति अपना रही हैं। उस आधार पर भारत सरकार अपनी रणनीति तय करेगी। एच1बी वीजा पर अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पुरानी सरकार के फैसले को पलटना चाहते हैं।
ऐसा होने पर भारतीय प्रोफेशनल्स को एच1बी वीजा मिलना मुश्किल हो जाएगा। सीतारमण ने बताया कि वीजा को लेकर अमेरिकी सरकार के रुख के बाद वह आईटी कंपनियों के संपर्क में हैं और इस मामले से जुड़ी तस्वीर को और साफ करने के लिए वह विदेश मंत्रालय से भी संपर्क कर रही हैं।