महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में कमांडो जीप पर नक्सली हमले के बाद प्रसिद्ध समाजसेवी अन्ना हजारे ने कहा है कि नक्सलवाद की समस्या को गोली की जगह बातचीत से सुलझाया जा सकता है। सरकार इजाजत दे तो वह सरकार और नक्सलियों के बीच मध्यस्थता करने को तैयार हैं।
अन्ना का कहना है कि हर किसी की समस्याएं होती हैं लेकिन उन्हें सुलझाने का तरीका सही होना चाहिए। नक्सल समस्या का समाधान गोलीबारी या मासूम लोगों की जान लेने से नहीं निकलेगा। इससे समस्या और जटिल हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है बातचीत से तलवारें म्यान में चली जाती हैं, हमें समस्या को मानवीय दृष्टिकोण से देखना चाहिए। दोनों पक्ष तैयार हों तो मैं नक्सलवाद के मुद्दे पर हस्तक्षेप के लिए तैयार हूं।
उन्होंने कहा कि मेरे पास बड़ी ताकत नहीं, मैं फकीर हूं। मेरा लक्ष्य राष्ट्र और समाज है, इसलिए मध्यस्थता की बात कह रहा हूं। उन्होंने कहा कि सरकार को समस्या की जड़ में जाना चाहिए। इससे समाधान निकलेगा। हर किसी को पता होना चाहिए कि ऐसी घटनाओं का राजनीतिक इस्तेमाल करना सही नहीं है।
उल्लेखनीय है कि एक मई को महाराष्ट्र दिवस के मौके पर नक्सलियों ने घात लगाकर सी-60 कमांडो के वाहन पर हमला किया था जिसमें 15 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले में निजी बस का ड्राइवर भी मारा गया था।