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बुजुर्गों की देखभाल के लिए सरकार जल्द लाएगी राष्ट्रीय नीति, बच्चों को मिलेगी आर्थिक मदद

Tue, 17 Mar 2020 02:48 AM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पेक्सेल्स
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देश के बुजुर्गों की देखभाल और कल्याण के लिए केंद्र सरकार बहुत जल्द एक व्यापक नीति लेकर आएगी। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने सोमवार को लोकसभा में यह जानकारी दी। गहलोत ने सरकार द्वारा दलितों, आदिवासियों और पिछड़े वर्ग के उत्थान के लिए उठाए गए कदमों के बारे में भी जानकारी दी।

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मंत्रालय के लिए अनुदान मांगों पर बहस के दौरान गहलोत ने बताया कि सरकार माता-पिता एवं बुजुर्गों का रखरखाव और कल्याण (संशोधन) विधेयक लेकर आई है। अभी प्रवर समिति इसकी जांच कर रही है। इसमें बुजुर्गों के लिए डे केयर सेंटर और बुजुर्गों के लिए वृद्धाश्रम खोलने का प्रावधान है। 

उन्होंने बताया कि इन्हें एनजीओ द्वारा चलाया जाएगा। साथ ही आय के आधार पर बच्चों को माता पिता के रखरखाव के लिए पैसे देने का भी प्रावधान है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, सरकार बुजुर्गों के लिए व्यापक नीति तैयार कर रही है। बहुत जल्द इसे पेश किया जाएगा। बहस के बाद सदन ने मंत्रालय की अनुदान मांगों को मंजूरी दे दी।

दिव्यांगों के लिए देशभर में एक प्रमाण पत्र होगा

गहलोत ने सदन में बताया कि सरकार देशभर में दिव्यांगों के लिए एक पहचान पत्र जारी करेगी। इसके आधार पर किसी भी राज्य में सुविधाओं का लाभ लिया जा सकेगा। अभी एक जिले द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र दूरे जिले में मान्य नहीं होता है।

पदक जीत गौरव बढ़ा रहे दिव्यांग

केंद्रीय मंत्री ने कहा, दिव्यांग लोग अलग अलग क्षेत्र में अपनी प्रतिभा से देश के लिए गौरव ला रहे हैं। क्रिकेट का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम पिछले तीन बार से विश्व विजेता है। इसके अलावा हमारे खिलाड़ी पैरालंपिक खेलों में पदक जीत कर देश का मान बढ़ा रहे हैं।

ओबीसी आयोग को सांविधानिक दर्जा दिलाने के प्रयास किए

गहलोत ने बताया कि केंद्र सरकार ने पिछले पांच वर्षों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आयोग को सांविधानिक दर्जा दिलाने की दिशा में कई कदम उठाए हैं। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के बच्चों को शिक्षण संस्थानों में भी आरक्षण दिया गया। उन्होंने कहा, भाजपा शासन में ईडब्ल्यूएस के लिए कई छात्रवृत्ति योजनाएं शुरू की गईं।

अधीर का हमला, आर्थिक रूप से कमजोरों के लिए कुछ नहीं किया

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने गहलोत के ईडब्ल्यूएस के लिए किए दावे पर पलटवार करते हुए कहा, सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए कोई काम नहीं किया। उन्होंने कहा, आपके मंत्रालय का जनादेश बहुत बड़ा है। 282 सफाई कर्मियों की मौत हो जाती है, 60 से 70 हजार बच्चों को अपराधियों द्वारा भीख मांगने के लिए मजबूर किया जाता है। और सरकार के पास इसका कोई आंकड़ा नहीं है। 

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अधीर ने कहा, आपकी प्राथमिकताओं का भी कोई अता पता नहीं है। पंजाब में ड्रग के जाल को ही देख लीजिए। केंद्र ने इसके लिए क्या किया। इस पर गहलोत ने कहा, 28 जिलों में नशामुक्ति केंद्र खोले गए। 2009-14 के बीच जहां 137.72 करोड़ रुपये खर्च हुए थे वहीं हमारी सरकार ने 242.55 करोड़ रुपये इस काम के लिए खर्च किए। 

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