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लीक नहीं, चोरी हुआ था स्कॉर्पीन सबमरीन का डेटा

Thu, 25 Aug 2016 08:48 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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- फोटो : file photo
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मुंबई में तैयार की जा रही स्कॉर्पीन सबमरीन के डेटा लीक मामले में अब एक नया मोड़ आया है। फांस के सूत्रों ने बताया है कि सबमरीन का डेटा लीक नहीं, बल्कि चोरी हुआ था। सूत्रों की मानें तो जो डेटा चोरी हुआ था वो किसी के मतलब का नहीं है, उसमें महज ऑपरेशनल जानकारियां थीं। डेटा को भारत में काम कर रहे एक कर्मचारी ने चोरी किया था, उसे बाद में नौकरी से निकाल दिया गया था।
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पहले खबर आई थी कि करीब 22 बजार पेज का सबमरीन का डेटा भारत से लीक हुआ। भारत सरकार और फ्रांस ने इस मामले में जांच के आदेश दिए थे। चौबीस घंटे के भीतर भारत में जांच का निष्कर्ष भी आ गया। भारत सरकार ने जांच के आधार पर बताया कि डेटा भारत से लीक नहीं हुआ था।

भारत फ्रांस के कॉन्ट्रेक्टर डीसीएनएस की मदद से करीब 24 करोड़ रुपए खर्च कर 6  स्कॉर्पीन सबमरीन तैयार कर रहा है। सबमरीन के डेटा की लीक होने की खबर ऑस्ट्रेलिया के अखबार 'द ऑस्ट्रेलियन' में प्रकाशित हुई थी। अखबार ने दावा किया था कि भारत में बनाई जा रही सबमरीन का डेटा भारत से लीक हुआ।
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चीन के पास 90, पाकिस्तान के पास 5, भारत के पास कितनी सबमरीन?

ऑस्ट्रेलियाई अखबार की खबर ने इसलिए और जोर पकड़ा क्योंकि ऑस्ट्रेलिया भी फ्रांस के कॉन्ट्रेक्टर डीसीएनएस की मदद से सबमरीन तैयार कर रहा है। ऑस्ट्रेलिया ऐसी 12 सबमरीन बना रहा है, जिनकी तकनीकी भारत में बनने वाली सबमरीन जैसी ही है।

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने मीडिया को बताया कि इस मामले की पूरी जानकारी कल ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दे दी गई थी। बता दें कि पर्रिकर ने लीक हुए डेटा के जांच के आदेश देने से पहले ही यह दावा किया था कि सबमरीन का डेटा भारत से लीक नहीं हुआ है। 

पर्रिकर के अलावा नेवी की तरफ से भी यही कहा गया था कि डेटा विदेश में लीक हुआ लगता है। बता दें कि भारत में बनाई जा रही 6 स्कॉर्पीन सबमरीन में से एक का मई में ट्रायल हो चुका है। 

कॉन्ट्रेक्टर डीसीएनएस भारत के अलावा मलेशिया, चिली और ऑस्ट्रेलिया के लिए नई जनरेशन की सबमरीन बना रहा है। स्कॉर्पीन दुनिया की सबसे ज्यादा सेंसेटिव, सुरक्षित और ताकतवर  सबमरीन बताई जाती है।
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भारत के 30 और सबमरीन की जरूरत

अगले 20 साल में भारत में ऐसी 6 सबमरीन नौसेना में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। कलवरी सबमरीन इसी टेक्नोलॉजी पर बेस्ड है। 

अपने तरह की इस खास सबमरीन का डेटा लीक होने से सबसे ज्यादा नुकसान यह है कि पड़ोसी चीन और पाकिस्तान भी इसकी खूबियां जान जाएंगे।

लीक हुए डेटा से पता चलता है कि सबमरीन के क्रू मेंबर्स आपस में खुलकर बात कर सकते हैं। उनकी बातचीत को ट्रेस नहीं किया जा सकता।

स्कॉर्पीन क्लास सबमरीन राडार की पकड़ में आए बिना मूवमेंट कर सकने में सक्षम होंगी।

फिलहाल भारत के पास 13 सबमरीन हैं। 30 और सबमरीन की जरूरत है। पड़ोंसियों की बात करें तो चीन के पास 90 और पाकिस्तान के पास 5 सबमरीन हैं।
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